गिरावट के बावजूद संभावनाओं की खिड़की

  • Posted on: 12 December 2012
  • By: admin

पिछले हफ्ते जब सैमसंग ने अपनी अल्ट्रा बुक सीरीज-5 बाजार में उतारी थी तो विंडोज 8 की बात भी आई थी। अक्टूबर में आए माइक्रोसॉफ्ट के नए विंडोज 8 को कंपनी का बड़ा दांव बताया गया था। बहरहाल, उन बातों को महीनेभर से ज्यादा का समय हो गया है। अब माइक्रोसॉफ्ट ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि उसने विंडोज 8 की लॉन्चिंग के बाद से इसके चार करोड़ लाइसेंस बेच दिए हैं। माइक्रोसॉफ्ट की इस घोषणा के साथ ही एक और रिपोर्ट आई थी। रिसर्च फर्म एनपीडी के अनुसार विंडोज आधारित डिवाइसेज की बिक्री में पिछले साल की तुलना में नवंबर में 21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। एक तरफ माइक्रोसॉफ्ट का एलान है तो दूसरी तरफ यह रिपोर्ट। इसके क्या मायने हैं? क्या माइक्रोसॉफ्ट का दांव सफल रहा है या यह अब भी दम तोड़ रहा है? चार करोड़ लाइसेंस बेचने का मतलब है कि लिनोवो, आसुस, डेल जैसी कंपनियों ने विंडोज 8 आधारित अल्ट्राबुक, लैपटॉप, टैबलेट और नोटबुक बनाने का करार किया है। सैमसंग तो अगले साल मई तक अपनी विंडोज 8 आधारित डिवाइसेज को 12 फीसद तक बढ़ाना चाहता है। जहां तक पुराने सिस्टम को विंडोज 8 से अपग्रेड करने की बात है तो इसमें लोगों की बहुत ज्यादा रुचि नहीं दिख रही है। वैसे भी विंडोज 8 कन्वर्टेबल डिवाइसेज (जो लैपटॉप और टैबलेट दोनों का काम करती हैं) और टचस्क्रीन अल्ट्राबुक के लिए बनाया है। यानी कंपनी का प्राथमिक लक्ष्य पीसी उपभोक्ता नहीं हैं। उसकी नजर आने वाले कल के बाजार पर है। अब सवाल यह उठता है कि जब एंड्रॉयड और एप्पल के आइओ 6 आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम वाले कम कीमत के टैबलेट उपलब्ध हैं तो कोई विंडोज पर क्यों जाए? तो इसका जवाब उस दौर में जाने से खुद मिल जाएगा जब पहले पहल विंडोज आधारित मोबाइल फोन आए थे। हालांकि ये बहुत ज्यादा सफल नहीं रहे, लेकिन विंडोज का बाजार पश्चिम में ज्यादा बड़ा है जो एशिया में भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बहुत मुमकिन है कि आने वाले समय में दिल्ली मेट्रो में लैपटॉप के जरिये ऑफिस का काम निपटाते एग्जीक्यूटिव वर्ग के हाथों में विंडोज 8 आधारित कोई टैब ही दिखाई दे। फिलहाल यहां नई पीढ़ी के हाथों में एंड्रॉयड डिवाइस ही दिखाई देते हैं, लेकिन विंडोज का बाजार अलग है। यह मनोरंजन से ज्यादा कार्यालयी कामकाज निपटाने पर जोर देता है। एंड्रॉयड भले ही कामयाबी के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा हो, लेकिन काम अब भी विंडोज में ही होता है।             -नवीन शर्मा

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