Editorial

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महिलाओं की सुरक्षा

  • Posted on: 25 February 2015
  • By: admin

दिल्ली में करीब ढाई सौ स्थानों का महिलाओं के लिए असुरक्षित स्थलों के रूप में चयनित किया जाना राजधानी में महिलाओं की असुरक्षा की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। यह चिंताजनक है कि महिलाओं के लिए असुरक्षित इन स्थानों में खाने-पीने वाले स्थान, पार्किग, मॉल और मनोरंजन के स्थानों के आसपास के इलाके शामिल हैं। यहां अब तक सुरक्षा के कोई उपाय न किया जाना संबंधित सरकारी एजेंसियों की महिलाओं की सुरक्षा के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। यह स्थिति तब है जबकि वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली वारदात के बाद राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को काफी जोर-शोर से उठाया गया। दिल्ली हाई कोर्ट न

विकास के मायने

  • Posted on: 18 February 2015
  • By: admin

वास्तविक विकास कार्य उसी को कहा जा सकता है, जिसमें योजना से प्रभावित होने वाले अंतिम व्यक्ति तक का हित सर्वोपरि रहे। पहाड़ी प्रदेश हिमाचल ने अस्तित्व में आने के बाद हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम तय किए हैं। इसी का नतीजा है कि लोगों को घर-द्वार पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रदेश में सड़कों का जाल बिछा है। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को सड़क से जोड़ा जा चुका है और कई जगह ऐसे प्रयास जारी हैं। हर गांव में स्कूल व स्वास्थ्य संस्थान खोले गए हैं। औट-लूहरी राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण न केवल डेढ़ लाख लोगों को राहत देगा बल्कि एक ऐसा क्षेत्र सड़क से जुड़ जाएगा, जहां बर्फबारी के कारण सड़क य

विकास की राह

  • Posted on: 28 January 2015
  • By: admin

किसी भी राज्य के विकास में सड़कों का सबसे अहम योगदान होता है। इसे उत्तर प्रदेश का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि देश को सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री देने वाला यह राज्य सड़कों के विकास में 29 राज्यों की सूची में अंतिम आठ में है। केंद्र की पूर्ववर्ती सरकारों ने कुछ राष्ट्रीय राजमार्गो का निर्माण जरूर शुरू कराया था, लेकिन काम आज तक पूरा नहीं हो पाया है। सड़कों के विकास में सरकारों की गंभीरता लखनऊ-कानपुर के बीच 86 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से आंकी जा सकती है। इस राजमार्ग के चौड़ीकरण का काम वर्ष 2000 में शुरू हुआ था। यह निर्माण आज पंद्रह साल बाद भी जारी है और कह पाना मुश्किल है कि इसे प

बेहतरीन पहल

  • Posted on: 29 December 2014
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दुनियाभर के पशु चिकित्सक व पशु विज्ञानी इस तथ्य पर सहमत होकर इसी दिशा में काम कर रहे हैं कि मनुष्य के स्वस्थ रहने का एक महत्वपूर्ण कारक पशुधन का स्वस्थ रहना है। बेशक हिमाचल प्रदेश में भी कई जिलों में ब्लूक्रॉस सोसायटी का जिक्र सुनने को मिलता है लेकिन पशुओं की व्यवस्था कैसी है, इसे जानने के लिए अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस उदास मंजर में आशा की एक किरण मंडी जिले से निकलती प्रतीत होती है। यहां पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बेजुबान मवेशियों के कल्याण के लिए ब्लूक्रॉस सोसायटी के गठन की पहल की है। रेडक्रॉस सोसायटी की तर्ज पर यह सोसायटी पशुओं की मदद के लिए संसाधन जुटाएगी व 24 घंटे

'समाजवादी आवास योजना' की शुरूआत की घोषणा

  • Posted on: 10 December 2014
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आज मध्यम आय वर्ग के लोगों का आशियाने का सपना पूरा करने के लिये 'समाजवादी आवास योजना' की शुरूआत की घोषणा की। इसके तहत वर्ष 2016 तक तीन लाख मकान बनाने का लक्ष्य है। आवास विभाग के प्रमुख सचिव सदाकान्त ने यहां संवाददाताओं को बताया कि राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्यम आय वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिये 'समाजवादी आवास योजना' शुरू करने का फैसला किया गया है। इसमें अपार्टमेंट की दरें निर्धारित की गयी हैं। भविष्य में यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह योजना कब शुरू की जाएगी। प्रमुख सचिव ने बताया कि इस योजना के तहत बनाय

कम हुआ भ्रष्टाचार

  • Posted on: 10 December 2014
  • By: admin

भ्रष्टाचार के स्तर का आकलन करने वाली संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया (टीआईआई) के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में भारत की रैकिंग में सुधार दर्ज होना यकीनन एक खुशखबरी है। सूचकांक के मुताबिक वर्ष 2014 में भारत को 38 अंक मिले हैं जो वर्ष 2013 के 36 अंक के मुकाबले मामूली तौर पर ही बेहतर दिखते हैं, लेकिन इसका सुफल यह रहा है कि भ्रष्टाचार से प्रभावित देशों की सूची में पिछले वर्ष 94वें स्थान पर रहा भारत इस वर्ष 85वें स्थान पर आ गया है। खास बात यह है कि भारत की रैकिंग में सुधार मुख्य रूप से र्वल्ड इकोनॉमिक फोरम और र्वल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर दर्ज हुआ है। अच्छी बात यह भी

अतिरिक्त शिक्षण

  • Posted on: 1 December 2014
  • By: admin

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों की दुर्दशा अक्सर सुनने को मिलती है, लेकिन इस बीच एक अच्छा समाचार हरदोई जिले से आया है। यहां एक अभिनव प्रयोग किया जा रहा है। जिला स्तर पर योजना बनी है जिसमें अब बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर खंड शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक समन्वयक तक कुछ विद्यालयों और शिक्षकों का चयन कर रहे हैं। ये शिक्षक पिछड़े और सघन आबादी वाले चयनित विद्यालयों में कक्षा पांच से आठ तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए शाम के समय दो घंटे का अतिरिक्त समय देंगे। लोक शिक्षा केंद्रों पर पेट्रोमेक्स आदि की व्यवस्था की गई है। उद्देश्य यह है कि प्रारंभ में जिन शिक्षकों और विद्यालयों का चयन

प्रधानमंत्री का संदेश

  • Posted on: 10 November 2014
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नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचने के कारण सारे देश को यह उत्सुकता थी कि वह वहां क्या करते और कहते हैं?

गैरजिम्मेदार स्कूल

  • Posted on: 10 October 2014
  • By: admin

विवाह हो जाने के कारण छात्रा को दिल्ली के एक सरकारी स्कूल द्वारा निकाले जाने की कार्रवाई अत्यंत निंदनीय है। स्कूल की यह दलील भी बेहद आपत्तिजनक है कि शादीशुदा लड़की के स्कूल में होने से वहां का माहौल खराब होगा। उपराज्यपाल नजीब जंग के हस्तक्षेप के बाद लड़की को स्कूल में दोबारा दाखिला तो मिल गया है लेकिन घटना के बहाने यह तथ्य जरूर उजागर हो गया है कि कुछ शिक्षक अब तक अपनी रुढ़ीवादी सोच से नहीं उबर पाए हैं। इससे खराब बात और क्या होगी कि एक छात्रा का नाम केवल इसलिए स्कूल से काट दिया जाए क्योंकि उसकी शादी हो गई है। यदि विवाह को स्कूल से निकाले जाने का पैमाना मान लिया जाए तो केंद्र से लेकर तमाम राज

अव्यवस्था का आलम

  • Posted on: 17 September 2014
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दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की आवासीय योजना-2014 के एलान के साथ ही शुरू हुई अव्यवस्था चिंताजनक है। कहना न होगा कि यह प्राधिकरण की लचर कार्यप्रणाली को उजागर करती है। योजना की घोषणा के दिन ही डीडीए की वेबसाइट बार-बार क्रैश हुई और डीडीए मुख्यालय में आवेदन फॉर्म लेने पहुंचे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं कई बैंकों की शाखाओं में आवेदन फॉर्म ही नहीं पहुंचे। शनिवार को यानी योजना की शुरुआत के छह दिन बाद भी संबंधित बैंकों की कई शाखाओं में लोगों को आवेदन फॉर्म के लिए भटकना पड़ा। यह स्थिति दर्शाती है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण की तैयारियां अधूरी थीं और उसकी अधूरी तैयारियों के कारण लो

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