Editorial

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रंगत में लौटता सेंसेक्स

  • Posted on: 19 April 2012
  • By: admin

सेंसेक्स केचेहरे पर बला की मुस्कराहट है। उसका मन प्रसन्नता से झूम रहा है। दलाल पथ की रौनक में यकायक चार चांद लग गए हैं। निवेशकों की उम्मीदें फिर से जागने व संवरने लगी हैं। डूबी पूंजी का जहाज उबरने को है। अर्थव्यवस्था पर गुलाबी रंग चढऩे लगा है। मंदी के बादलों को यह बाय-बाय बोलने का समय है। एहसास बनने लगा है कि पॉजिटिव मूड में अब आर्थिक चीजें बदलेंगी। और बदलें भी क्यों न, आखिर अपने सेंसेक्स केबल पर ही तो गुलाबी अर्थव्यवस्था का मयार टिका है प्यारे। एक लंबे समय से सेंसेक्स की दुर्गति पर हंसने वाले फिलहाल खामोश हैं। दरअसल, निगेटिविटी में जीना मंदडिय़ों की पुरानी आदत है। सेंसेक्स की बढ़त से वे भय

जहर घोलता पॉलिथिन

  • Posted on: 30 March 2012
  • By: admin

जम्मू रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए तीस क्विंटल पॉलीथिन के जब्त होने से पता चलता है कि मंदिरों के शहर जम्मू में पॉलीथिन पर लगा प्रतिबंध केवल कागजों में ही सिमट कर रह गया है और इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। इतनी संख्या में पॉलीथिन के जब्त होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले जम्मू की अनाज मंडी वेयर हाउस में एक गोदाम से करीब बीस क्विंटल पॉलीथिन जब्त किया गया था। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम अधिकारियों को यह जिम्मा सौंपा है कि शहर को प्रदूषण मुक्त एवं खूबसूरत बनाने के लिए वे पॉलीथिन लिफाफों की बिक्री पर रोक लगाएं, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो रहा है। करीब तीन साल पहले जब सरकार ने

बढ़ाना होगा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश

  • Posted on: 31 January 2012
  • By: admin

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले दिनों आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मलेन में देश की आर्थिक विकास दर में आ रही कमी पर भी चिंता प्रकट की। वित्त वर्ष 2011-12 की दूसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर नौ माह के सबसे निचले स्तर पर पहुंचकर 6.9 पर रही। इसके परिणाम स्वरूप सरकार ने 2011-2012 के लिए आर्थिक विकास के लक्ष्यों को भी घटाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया। अब भी प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री सहित कई आर्थिक जानकारों ने इसे इस वर्ष भी 7 से 7.5 प्रतिशत पर बने रहने का अनुमान व्यक्त किया है। वैश्विक आर्थिक मंदी की आहट के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था का यह हाल तो होना ही था। चूंकि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्

क्यूएफआई का सकारात्मक रूख

  • Posted on: 13 January 2012
  • By: gaurav

यह निश्चय ही एक सकारात्मक बात है-कि पिछले कुछ समय से नीतिगत मसलों पर फैसले लेने में सुस्त रवैये के आरोप झेल रही केंद्र सरकार ने नए साल की शुरुआत एक बड़े फैसले के साथ की है। रविवार को केंद्र सरकार ने योग्य विदेशी निवेशकों (क्यूएफआई) को सीधे भारतीय शेयर बाजारों में निवेश करने की अनुमति दे दी। क्यूएफआई के तहत वे विदेशी नागिरक, समहू या संघ आते हैं जो फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स और प्रतिभूति आयोगों के अंतरराष्ट्रीय संगठन के तहत हुए बहुपक्षीय समझौतों का पालन करते हैं। अब तक क्यूएफआई को सिर्फ घरेलू म्युचुअल फंड योजनाओं में निवेश करने की अनुमति थी। उम्मीद है कि भारतीय वि

टकराव नहीं, संवाद

  • Posted on: 27 December 2011
  • By: gaurav

 अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो केंद्र सरकार संसद में नया लोकपाल बिल पेश करेगी और पुराना बिल वापस ले लिया जाएगा। इसके बाद संसद के विस्तारित सत्र में 27, 28 और 29 दिसंबर को चर्चा के बाद इस बिल को पारित कराने की कोशिश की जाएगी, मगर यह साफ है कि अगर इस बिल में टीम अण्णा हजारे की मांगों के अनुरूप संशोधन न हुए तो इस बिल पर अब तक हुई सारी कवायद मिट्टी में मिल जाएगी। बिल का अधिकृत मसौदा अभी तक जारी नहीं किया गया है, मगर मीडिया के जरिए उसके जो विवरण सामने आए हैं, उन्हें टीम अण्णा ने मानने से इनकार कर दिया है और इसे जनता के साथ धोखा बताकर 27, 28 और 29 दिसंबर को अण्णा हजारे की भूख हड़ताल और फिर 30, 31 दिसं

अन्ना की वापसी

  • Posted on: 26 December 2011
  • By: gaurav

इंतजार की घडिय़ां खत्म हुईं! आ गई, आ गई, आ गई! राजधानी में छा गई! रिटर्न ऑफ अण्णा उर्फ अण्णा की वापसी। अब यह मत पूछिएगा कि अण्णा की वापसी ही क्यों? अण्णा द्वितीय क्यों नहीं?

स्वागत योग्य कदम

  • Posted on: 15 November 2011
  • By: gaurav

पंजाब सरकार ने देश के शहीदों व महापुरुषों के जन्म व शहीदी दिवसों पर स्कूलों में होने वाली छुट्टियां बंद करने की दिशा में जो कदम उठाया है वह निस्संदेह स्वागत योग्य है। प्रदेश सरकार यदि अपनी इस योजना को अमलीजामा पहनाने में कामयाब रही तो स्कूलों में साल भर में करीब दर्जन भर छुट्टियां कम हो जाएंगी। इससे न सिर्फ शिक्षा का स्तर सुधारने में मदद मिलेगी, बल्कि स्कूलों में ही इन अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम करवाकर विद्यार्थियों को शहीदों व गुरुओं के बारे में अधिक से अधिक जानकारी भी दी जा सकेगी। यह सर्वविदित है कि नई पीढ़ी देश के लिए कुर्बानियां देने वाले शहीदों व गुरुओं को भूलती जा रही है। सरकार के इस

आयुर्वेद एवं संस्कृत के सात विद्वानों को लक्ष्मीनारायण स्मृति सम्मान

  • Posted on: 15 November 2011
  • By: gaurav

जयपुर। राष्ट्रपति सम्मानित संस्कृत मनीषियों एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आयुर्विज्ञानियों की उपस्थिति में शनिवार को राजस्थान चैम्बर भवन के भैरोंसिंह शेखावत सभागार में आयुर्वेद एवं संस्कृत के सात विद्वानों को वैद्य लक्ष्मीनारायण स्मृति विद्वत् सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने आयुर्वेद एवं संस्कृत के क्षेत्र में स्व. लक्ष्मीनारायण शर्मा के योगदान को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व और कृतित्व समाज की ऐसी उपलब्धि है जिससे समाज सैकड़ों वर्ष प्रेरणा लेता रहेगा।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.

शिक्षा के स्तर पर बढ़ते सवाल

  • Posted on: 2 November 2011
  • By: admin

देश में उच्च शिक्षा पर नई बहस छिड़ी है। पहले केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश और फिर एक अग्रणी साफ्टवेयर कंपनी के चेयरमैन एनआर नारायणमूर्ति ने आइआइटी के स्तर पर सवाल उठाया। इस बहस को और अधिक गंभीरता प्रदान की है प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन ने। उनके मुताबिक चूंकि सरकार अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रही है इसलिए हमारे देश की शिक्षा पद्धति असफल हो रही है। सच यह है कि वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत की उच्च शिक्षा को इस बार भी पृष्ठभूमि में डाल दिया गया। विश्व के 200 श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों तथा तकनीकी संस्थानों में भारत का कोई भी स्थान नहीं है। इस सर्वेक्षण में शोध की गुणवत्

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