Editorial

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पृथ्वी को बचाने की मुहिम शुरू करने का दिन

  • Posted on: 25 April 2018
  • By: admin
गत दिनों पृथ्वी दिवस मनाया गया। यह दिन एक ऐसे महापुरुष की दृढ़ इच्छाशक्ति के लिए जाना जाता है, जिन्होंने ठान लिया था कि हमें अपने गृह पृथ्वी के साथ किए जा रहे व्यवहार में बदलाव लाना है। वह थे अमेरिका के पूर्व सीनेटर गेराल्ड नेल्सन। उन्होंने ही सबसे पहले 22 अप्रैल, 1970 को दो करोड़ लोगों के बीच पहला पृथ्वी दिवस मनाया गया था।यानी लगभग पांच दशक पहले जब न ग्लोबल वार्मिंग के खतरे आज की तरह नजर आ रहे थे और न ही प्रदूषण की समस्या इतनी खतरनाक हुई थी। उनका विचार था कि पर्यावरण संरक्षण हमारे राजनीतिक एजेंडे में शामिल होना चाहिए। यह ऐसी सोच थी,

ई-वे बिल की क्षमता करनी होगी दोगुनी

  • Posted on: 10 April 2018
  • By: admin
जीएसटी के तहत माल ढुलाई से जुड़ी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली ई-वे बिल रविवार एक अप्रैल से शुरू हो गई। हालांकि कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों ने पहले ही दिन ई-वे बिल की क्षमता दोगुना बढ़ाने की मांग रखी दी है। उनका कहना है कि रोजाना 75 लाख ई-वे बिल निकालने की क्षमता पर्याप्त नहीं है और 15 अप्रैल से राज्यों के भीतर ई-वे बिल शुरू होने से प्रणाली ध्वस्त हो सकती है। यहां यह उल्लेखनीय है कि ई-वे बिल के पहले दिन शाम पांच बजे तक 1.71 लाख बिल सृजित किए गए।

वक्त पर न चेतने का रोग

  • Posted on: 25 February 2018
  • By: admin
पंजाब नेशनल बैंक में बड़ा घोटाला सामने आने के बाद बड़े पैमाने पर बैंक कर्मचारियों के तबादले के साथ वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक की ओर से बैंकिंग व्यवस्था की खामियां पता करने की कोशिश एक तरह से चिडिय़ा चुग गई खेत वाली कहावत को ही चरितार्थ कर रही है। बैंकिंग व्यवस्था के साथ सरकार की साख को बट्टï लगाने वाले कारनामे के बाद दिखाई जा रही सक्रियता से तो यही लगता है

अहमदाबाद में वेब एण्ड क्लाउड एक्सपो 2018 का आयोजन

  • Posted on: 10 February 2018
  • By: admin
अहमदाबाद। अहमदाबाद में वेब एण्ड क्लाउड एक्सपो-2018 का आयोजन किया गया। इस एक्सपो में रेस्लो, ओपन एसारस, जी.पी.एस. ऑनलाइन, ब्रान्ड लेविगेटर, 2 जीबी होस्टिंग सहित जानी-मानी 10 कम्पनियों ने हिस्सा लिया। जयपुर की एवरडाटा टेक्नोलॉजी की ओर से आयोजित इस वेब एण्ड क्लाउड एक्सपो में डिजिटल होते भारत का वो पहलू देखने को मिला जिसे देखकर लगता है कि आने वाला कल इंटरनेट की दुनिया का सुनहरा पल लेकर आएगा।

बिटकॉइन को मात करेंगे नये क्रिप्टो उत्पाद

  • Posted on: 10 February 2018
  • By: admin
बिटकॉइन की सफलता का कारण
विकेन्द्रीयकरण-बिटकॉइन करेन्सी का कोई प्राधिकरण नहीं। यह किसी भी 
देश की सरकार या बैंक के नियंत्रण में नहीं है।
गोपनीयता
बिटकॉइन सिस्टम में धन वास्तविक व्यक्ति या संस्थाओं के साथ नहीं अपितु बिटकॉइन के पते से जुड़ा होता है और बिटकॉइन के मालिकों की स्पष्ट रूप से पहचाना नहीं की जा सकती। हालांकि स्वामित्व के गोपनीय होने के साथ समस्त लेन-देन सार्वजनिक होते हैं।

मैसेंजर के लिए संदेश

  • Posted on: 10 February 2018
  • By: admin
यह तो मानना ही होगा कि मोबाइल फोन, और खासकर तरह-तरह के मैसेंजर ने जिंदगी को आसान बना दिया है। यहां तक कि लोगों को, और खासकर रिश्तों को जुडऩे का एक नया मंच दे दिया है। हालांकि समाजशास्त्री व मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि यह इसका एक पक्ष है, जिसे हम इन दिनों जी रहे हैं और जो बहुत अच्छा भी लगता है। लेकिन इसके दूसरे पक्ष में खतरे की घंटी है।

आधार पर निराधार हैं आपत्तियां

  • Posted on: 25 January 2018
  • By: admin
देश की विकास यात्रा में आधार क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। यह बिचौलियों व भ्रष्टाचार को खत्म कर गरीबों तक उनका हक पहुंचा रहा है। डिजिटल समावेशन व डिजिटल सशक्तीकरण डिजिटल इंडिया के दो प्रमुख लक्ष्य हैं, जिन्हें हासिल करने में आधार अहम भूमिका निभा रहा है। यह सुरक्षित होने के साथ-साथ डिजिटल इंडिया के परिवर्तनकारी व समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक किफायती और सशक्त माध्यम भी है। 130 करोड़ की आबादी वाले देश में आज 119 करोड़ लोग आधार के तहत पंजीकृत हो चुके हैं

सोशल मीडिया की ताकत

  • Posted on: 10 January 2018
  • By: admin
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा एक बौद्धिक व्यक्ति हैं और दुनियाभर में उनका सम्मान है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कुछ लोग असफल नेता मानते हैं, या तो इस कारण उनके पास करिश्मा व व्यक्तिगत शक्ति नहीं है, या फिर इस वजह से कि ओबामा नस्लीय तौर पर एक अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं. वे बहुत प्रतिभाशाली लोग हैं और दूसरे नेताओं की तरह हमेशा भले ही नहीं बोलते हों, पर जब वे बोलते हैं, तो इन्हें सुनना निश्चित तौर पर बेहद फायदेमंद होता है।

प्रदूषण और सेहत

  • Posted on: 25 December 2017
  • By: admin
उम्र बढ़ती है, तो शरीर की जरूरतें भी बदलती हैं। बहुत से लोगों की सेहत संबंधी समस्याएं भी इसी के साथ बढ़ जाती हैं। जिनकी नहीं बढ़तीं, सावधानियां तो उन्हें भी बरतनी ही होती हैं। ऐसे में डॉक्टर कहते हैं कि सबसे जरूरी है, नियमित व्यायाम। मगर पकी उम्र में आप वे व्यायाम तो नहीं ही कर सकते, जो लड़कपन में कर लेते थे। न आप अखाड़े में दम आजमा सकते हैं, न फर्राटा भर सकते हैं और न ही रोज मैराथन में वक्त गुजार सकते हैं। ऐसे में सबसे बेहतर होता है, टहलना। सुरक्षित भी और भरोसेमंद भी। टहलने के लिए आपको बहुत ज्यादा चीजों की जरूरत भी नहीं होती।

जन-स्वास्थ्य की नई चुनौतियां

  • Posted on: 25 November 2017
  • By: admin
भारत के गरीब राज्यों में कुपोषण के परिणामों तथा डायरिया जैसे साधारण रोगों से लोगों की मौत आम खबर रही है। लेकिन अब चिंताजनक सूचना यह है कि इन राज्यों में लाइफ स्टाइल मर्ज से भी लोगों की बड़ी संख्या में मौत होने लगी है। पहले ऐसी मौतें अपेक्षाकृत विकसित राज्यों में होती थीं। तो जाहिर है, भारत में जन-स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। मंगलवार को जारी हुई 'इंडिया स्टेट-लेवल डिजीज बर्डन इनिशटिव्स रिपोर्ट' के मुताबिक हृदय रोग और सांस संबंधी बीमारियों के चलते पिछड़े राज्यों में अब बड़ी संख्या में लोग मर रहे हैं।

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