Editorial

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रोबोट से होमवर्क

  • Posted on: 25 February 2019
  • By: admin
उसका स्कूल उसे जो सिखाना चाहता था, चीन की उस लड़की ने वह सब एक रोबोट को सिखा दिया। स्कूल के अनुशासन की भाषा में कहें, तो उसने काफी गलत काम किया। जो होमवर्क उसे खुद करना चाहिए था, उसने उसे एक रोबोट से करवाने की जुगत तलाश ली। लेकिन अगर इसे दूसरी तरह से देखें, तो उसने हमारी दुनिया में तेजी से हो रहे कुछ बदलावों के बारे में भी हमें बता दिया और उन कुछ लोगों के बारे में भी, जो इस दौर में भी खुद को नहीं बदल रहे।

घटी ब्याज दर

  • Posted on: 10 February 2019
  • By: admin
अंतरिम बजट में कर के मामले में आम लोगों को मिली राहत के बाद अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी आम लोगों के लिए सस्ते कर्ज का रास्ता खोल दिया है। इस वर्ष की अपनी पहली मौद्रिक समीक्षा करते हुए आरबीआई के नए गवर्नर शशिकांत दास की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मुद्रा स्फीति में कमी को ध्यान में रखते हुए बहुमत के आधार पर नीतिगत ब्याज दर यानी रेपोरेट को 0.25 फीसदी घटाकर 6.25 फीसदी करने का फैसला लिया।

गैर-बराबरी की बढ़ती खाई

  • Posted on: 25 January 2019
  • By: admin

दावोस में विश्व आर्थिक फोरम की सालाना बैठक फिर हो रही है। उस से ठीक पहले ऑक्सफैम ने अपनी रिपोर्ट जारी कर दुनिया का ध्यान अमीरों और गरीबों में बढ़ते फासले की ओर खींचा है। ऑक्सफेम पिछले कई वर्षों से इस मौके पर ऐसी  रिपोर्ट जारी करता रहा है। ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 में मात्र 26 लोगों के पास उतनी संपत्ति थी, जितनी दुनिया के कुल 3.8 अरब गरीब लोगों के पास है।

निगरानी की तैयारी

  • Posted on: 25 December 2018
  • By: admin
कंप्यूटर और अन्य संचार उपकरणों की निगरानी के विवाद को राजनीतिक बयानबाजी से ज्यादा महत्त्व नहीं दिया जा सकता। आम लोगों की निजता में दखल नहीं हो, इस सिद्धांत से कोई असहमत नहीं हो सकता। किंतु निजता का अधिकार उस जगह जाकर खत्म हो जाता है जब व्यक्ति पर किसी तरह का कानून तोडऩे का संदेह हो। किसी की गतिविधियां यदि राष्ट्रीय सुरक्षा या अशांति को खतरा पहुंचाने वाला दिखे तो उसकी पूरी छानबीन करनी होगी और उसमें कम्प्युटर और संचार उपकरण आएंगे ही।

आमदनी बढ़ाएगा निर्यात

  • Posted on: 10 December 2018
  • By: admin

सरकार के मुखिया नरेन्द्र मोदी ने स्वयं देश से यह वायदा किया हुआ है कि वह 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करेंगे। इस दृष्टि से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। कृषि मंत्रालय का नाम पर बदलकर कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय रखा गया ताकि इसका कार्यक्षेत्र विस्तृत हो सके। चूंकि कृषि मूलत: राज्यों का विषय है, इसलिए केंद्र की कदम उठाने की सीमाएं भी हैं। जाहिर है,

उम्र घटा रहा है प्रदूषण

  • Posted on: 25 November 2018
  • By: admin

चेतावनी दिल्ली के लिए है, लेकिन इसका संदर्भ राष्ट्रीय है। यानी इस समस्या से सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि सारा देश ग्रस्त है। ताजा खबर चिंता बढ़ाने वाली है। अगर आप दिल्ली एनसीआर में रहते हैं तो यहां अक्सर प्रदूषित होने वाली हवा को लेकर आप जरूर चिंतित होंगे। अब एक अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने दिल्ली की दूषित हुई हवा पर अपने रिसर्च का निष्कर्ष जारी किया है।

बैंकों की सहायता

  • Posted on: 10 November 2018
  • By: admin
बैंकों के पुनर्पूंजीकरण की योजना के तहत उन्हें 20 हजार करोड़ रुपए और देने की तैयारी यही याद दिलाती है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की गलतियों की सजा सरकारी कोष यानी आम आदमी को भुगतनी पड़ रही है। इस गलती में रिजर्व बैंक के साथ पिछली संप्रग सरकार भी शामिल है। हालांकि मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही लगातार घाटे में डूबते बैंकों की सुध ली, लेकिन तब तक शायद देर हो चुकी थी
और इसीलिए पिछले वर्ष उसे यह घोषणा करनी पड़ी कि दो लाख 11 हजार करोड़ रुपए की सहायता से बैंकों की हालत सुधारी जाएगी।

भविष्य के रोजगार

  • Posted on: 25 October 2018
  • By: admin
शंकाएं इसे लेकर कुछ ज्यादा ही हैं। यह डर बहुत से लोगों का सता रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी कृत्रिम बुद्धि आई, तो लाखों- करोड़ों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। खासकर दुनिया के श्रमिक संगठन इसे लेकर खासे चिंतित हैं। भविष्य के बारे में कुछ भी कहना हमेशा जोखिम भरा होता है। भविष्य अक्सर हमारी पिछली उम्मीदों और आशंकाओं को धता बता देता है। हर जमाना कुछ ऐसी अच्छी-बुरी चीजें लेकर आता है, जिनके बारे में हमने पहले सोचा भी नहीं होता। इसलिए अगर हम भविष्य की चिंता छोड़ वर्तमान की बात करें, तो इस समय दुनिया के रोजगार बाजार में एकमात्र सबसे अच्छी खबर यह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ही है। इस समय दुनिया भर मे

अबूझ नुस्खे

  • Posted on: 10 October 2018
  • By: admin

डॉक्टरों की लिखावट, यानी हैंडराइटिंग अक्सर चुटकुलों का विषय रही है। मरीजों को तो यह परेशान करती ही है, क्योंकि वे समझ नहीं पाते कि दवा लेने की डॉक्टर की कुलजमा सलाह क्या है, यह दवा बेचने वालों और कंपाउंडरों तक को परेशान करती रही है। पिछले हफ्ते जब इसने अदालत को परेशान किया, तो डॉक्टरों को यह भारी पड़ गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के पास तीन अलग-अलग मामलों की मेडिकल रिपोर्ट आई,

GST व नोटबंदी का असर खत्म, भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार, जारी रहेगी वृद्धि

  • Posted on: 25 September 2018
  • By: admin
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने बुधवार को कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में तेज वृद्धि जारी रहेगी। चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.3' रहने के अपने अनुमान को उसने बरकरार रखा है। एडीबी ने अपनी एशियाई विकास परिदृश्य 2018 की अद्यतन रिपोर्ट में हालांकि रुपये में गिरावट और बाहरी वित्तीय बाजारों में अस्थिरता को अर्थव्यवस्था के सामने एक प्रमुख चुनौती बताया है।

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