Editorial

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अगला पड़ाव चांद पर

  • Posted on: 25 July 2019
  • By: admin
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान 'इसरो' ने फिर इतिहास रच दिया है। सोमवार दोपहर दो बजकर तैंतालिस मिनट पर जब जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट के जरिए चंद्रयान-2 ने श्रीहरिकोटा से उड़ान भरी, तो भारत ने एक बार फिर कामयाबी के सातवें आसमान को छू लिया। तमाम तरह की बाधाएं पार करते हुए हर बार कामयाबी की नई कहानी लिखना इसरो की पुरानी फितरत रही है।
इस रॉकेट में वही क्रायोजेनिक इंजन इस्तेमाल हुआ है, जिसकी तकनीक भारत को देने पर अमेरिका ने कई बरस पहले ही पाबंदी लगा दी थी। खुद तो उसने यह तकनीक नहीं ही दी, दुनिया के तमाम देशों को भी इससे रोक दिया।

विकास का बजट

  • Posted on: 10 July 2019
  • By: admin
देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नरेन्द्र मोदी की दूसरी सरकार का पहला बजट लोकसभा में पेश किया। वैसे देखें तो चुनाव से पहले मोदी सरकार आम चुनाव से पूर्व अंतरिम बजट पेश कर चुकी है। अंतरिम बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ाने से लेकर किसानों की सम्मान निधि देने तक के लोक लुभावन फैसले हो चुके हैं तो निर्मला सीतारमण के बजट को देखें तो उन्होंने सिर्फ लेखा-जोखा ही सामने रखा है।

तकनीक के दर्द

  • Posted on: 25 June 2019
  • By: admin

ज्ञान-विज्ञान की बहुत सारी शाखाएं दो चीजों को जानने-समझने में सबसे ज्यादा उलझी रहती हैं। एक तो यह कि इंसान का भविष्य कैसा होगा? और दूसरे यह कि भविष्य का इंसान कैसा होगा? पहली नजर में देखने पर ये दोनों एक तरह की दो बातें लग सकती हैं, लेकिन एक अलग स्तर पर ये दोनों बिल्कुल ही अलग-अलग किस्म की बातें भी हैं। शायद इसलिए भी कि इन दोनों का अध्ययन करने वाले विज्ञान की शाखाएं भी अलग-अलग हैं।

ऑटोमेशन और एआई का साया

  • Posted on: 10 June 2019
  • By: admin

ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तो अब एक सच है। इसका विरोध करना निरर्थक है। लेकिन इनकी वजह से पैदा होने वाली सामाजिक स्थितियों से कैसे निपटा जाए, यह सवाल जरूर अहम है। लेकिन इस सवाल पर अपने देश में कोई चर्चा नजर नहीं आती। फिलहाल, एक ताजा अध्ययन के मुताबिक़ भारत में बढ़ते मशीनीकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के चलते आने वाले दस वर्षों में महिलाएं बड़ी संख्या में अपनी नौकरियों से हाथ धो सकती हैं।

एआइ पर जोर

  • Posted on: 25 May 2019
  • By: admin

कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक का नया आयाम है-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ)। मनुष्य और मशीन की बढ़ती साझेदारी के साथ इस अत्याधुनिक तकनीक को प्रयोगशालाओं से निकालकर रोजमर्रा के कामों में इस्तेमाल करने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। नीति आयोग ने इस संबंध में एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है. रिपोर्टों के अनुसार, इस संस्था ने सरकार के सामने क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म और शोध संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा है।

कर का दायरा

  • Posted on: 10 May 2019
  • By: admin

दुनिया भर में इंटरनेट के विस्तार के साथ बहुत सारे मामलों के लिए इस पर निर्भरता जिस तेजी से बढ़ रही है, उसमें इसके नियमन का सवाल उठना ही था। खासतौर पर इसके कारोबारी पहलू पर पिछले कुछ समय से यह स्वाभाविक सवाल उठ रहे थे कि अगर कोई कंपनी इंटरनेट के जरिए अपनी गतिविधियों से भारी मुनाफा कमाती है तो वह नियम-कायदों और आर्थिक नियमन से अलग क्यों रहे!

टिक टॉक पर पाबंदी

  • Posted on: 25 April 2019
  • By: admin

हल्ला हालांकि पूरी दुनिया में है, लेकिन मोबाइल फोन के लिए वीडियो के सोशल मीडिया एप टिक टॉक की दुकान भारत में तो फिलहाल बंद हो गई है। चीन में तैयार यह एप पिछले कुछ समय में काफी तेजी से लोकप्रिय हुआ था। खासकर नई पीढ़ी के नौजवानों में इसने बहुत तेजी से जगह बनाई थी। इससे पहले कि इसका नाम सुर्खियों में आता, भारत में इसके पांच करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता हो गए थे।

ऑनलाइन गेम की गिरफ्त

  • Posted on: 10 April 2019
  • By: admin
हम लोगों को इस बात का एहसास नहीं है कि टेक्नोलॉजी युवा पीढ़ी को कितनी तेजी से अपनी गिरफ्त में लेती जा रही है. पिछले दिनों एक बेहद चिंताजनक खबर आयी कि हैदराबाद में एक 16 वर्षीय लड़के को ऑनलाइन गेम पबजी (प्लेयर अननोन्स बैटलग्राउंड्स) खेलने को लेकर मां ने डांटा, तो उसने आत्महत्या कर ली. मां-बाप ने पुलिस को दिये बयान में कहा है कि बच्चे का अगले दिन अंग्रेजी का इम्तिहान था और वह पबजी खेल रहा था.

रोबोट से होमवर्क

  • Posted on: 25 February 2019
  • By: admin
उसका स्कूल उसे जो सिखाना चाहता था, चीन की उस लड़की ने वह सब एक रोबोट को सिखा दिया। स्कूल के अनुशासन की भाषा में कहें, तो उसने काफी गलत काम किया। जो होमवर्क उसे खुद करना चाहिए था, उसने उसे एक रोबोट से करवाने की जुगत तलाश ली। लेकिन अगर इसे दूसरी तरह से देखें, तो उसने हमारी दुनिया में तेजी से हो रहे कुछ बदलावों के बारे में भी हमें बता दिया और उन कुछ लोगों के बारे में भी, जो इस दौर में भी खुद को नहीं बदल रहे।

घटी ब्याज दर

  • Posted on: 10 February 2019
  • By: admin
अंतरिम बजट में कर के मामले में आम लोगों को मिली राहत के बाद अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी आम लोगों के लिए सस्ते कर्ज का रास्ता खोल दिया है। इस वर्ष की अपनी पहली मौद्रिक समीक्षा करते हुए आरबीआई के नए गवर्नर शशिकांत दास की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मुद्रा स्फीति में कमी को ध्यान में रखते हुए बहुमत के आधार पर नीतिगत ब्याज दर यानी रेपोरेट को 0.25 फीसदी घटाकर 6.25 फीसदी करने का फैसला लिया।

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