Facebook हेड ऑफिस US होगा शिफ्ट,150 करोड़ यूजर्स होंगे प्रभावित

  • Posted on: 25 April 2018
  • By: admin
नई दिल्ली। फेसबुक ने डाटा चोरी के मामले में एक और विवादास्पद कदम उठाया है। फेसबुक ने 1.5 बिलियन यूजर्स को यूरोपियन प्राइवेसी के कानून से बाहर कर दिया है। मार्क जुकरबर्ग ने अब तक ब्लॉग पोस्ट्स और मीडिया से त्रष्ठक्क (जनरल डाटा प्रोटेक्शन रेग्युलेशन) की तरह ही प्राइवेसी नियम लाने की बात कही थी। अब ऐसा लगता है की कंपनी कुछ परमीशन स्क्रीन जोडऩे से ज्यादा कुछ नहीं कर रही है।
क्या कदम उठाने की फिराक में फेसबुक?
यूएस और कनाडा के बाहर के फेसबुक यूजर्स कंपनी के आयरलैंड ऑपरेशन के नियम और शर्तों के अनुसार बंधे हैं। हालांकि, फेसबुक अब यूएस, यूरोपियन यूनियन और कनाडा के बाहर के यूजर्स के लिए अपने इंटरनेशनल हेडक्वार्टर को आयरलैंड से कैलिफोर्निया शिफ्ट कर रहा है। इससे बाकि सभी यूजर्स यूरोपियन रेग्युलेशन्स से निकलकर यूएस कानून के अंदर आ जाएंगे।
1.5 बिलियन फेसबुक यूजर्स पर पड़ेगा प्रभाव: अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा की यूरोपियन रेग्युलेशन से यूएस रेग्युलेशन में आने से यूजर्स का क्या नुकसान होगा? फेसबुक ने अपने इंटरनेशनल यूजर्स के लिए अपने नियम और शर्तों में बदलाव करने की योजना बनाई है। अधिकार क्षेत्र जनरल डाटा प्रोटेक्शन रेग्युलेशन के लॉन्च से पहले आयरलैंड से यूएस शिफ्ट हो जाएगा। इससे लगभग 1.5 बिलियन यूजर्स यूएस कानून के अंतर्गत आ जाएंगे। फेसबुक के ऐसे करने से बड़ी संख्या में देयता कम हो जाएगी। यूरोपियन डाटा सुरक्षा के कानून सख्त हैं और इससे बाहर निकलने पर फेसबुक को बिलियन डॉलर्स का फायदा होगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इससे एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका के 70 प्रतिशत फेसबुक यूजर्स यानि लगभग 1.52 बिलियन यूजर्स प्रभावित होंगे।
क्या है फेसबुक का कहना?
भले ही यह रिपोर्ट यूजर्स की सिक्योरिटी के लिहाज से ठीक न जान पड़ रही हो। लेकिन फेसबुक का इस संबंध में कुछ और कहना है। फेसबुक की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि सिर्फ लोकेशन में बदलाव किया जा रहा है और इसके कानून में कोई भी बदलाव नहीं होगा।
 
Category: