हवाई यात्रियों को बड़ा तोहफा, रिफंड और कैंसलेशन रूल्स में बड़े बदलाव

  • Posted on: 25 December 2018
  • By: admin
नई दिल्ली। परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसद की स्थायी समिति ने विमानन कंपनियों द्वारा यात्रा टिकट रद्द करने पर रद्दकरण शुल्क एवं अन्य मदों में ग्राहकों से किराये की लगभग संपूर्ण राशि वसूलने पर रोक लगाने की सिफारिश की है। समिति ने कहा रद्दकरण प्रभार के रूप में मूल किराये का 50 प्रतिशत से अधिक राशि न वसूली जाए। राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन की अध्यक्षता वाली समिति ने शुक्रवार को पेश रिपोर्ट में निजी विमानन कंपनियों द्वारा रद्दीकरण प्रभार मनमाने तरीके से निर्धारित करने का जिक्र करते हुए कहा,
नागर विमानन महानिदेशालय इसकी नियमित जांच करे ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि रद्दकरण प्रभार यात्रियों पर बोझ साबित नहीं हो। समित ने हवाई यात्रियों की शिकायतों के उचित निवारण के लिए भी सभी विमानन कंपनियों का पुख्ता तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया है, जिससे प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निवारण सुनिश्चित हो सके। 
समिति ने कहा कि मंत्रालय को सुनिश्चित करना चाहिए कि विमानन कंपनियां प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय सीमा में निवारण कर रही हैं। साथ ही शिकायत के समाधान के लिए की गई कार्रवाई से यात्री के संतुष्ट नहीं होने पर संबंधित विमानन कंपनी को दंडित करना चाहिए। यात्रियों की संतुष्टि में सुधार के लिए समिति ने सरकार को शिकायतें संबंधित विमानन कंपनियों तक पहुंचाने वाले संदेशवाहक की भूमिका से अधिक व्यापक बनाने की सिफारिश की है।
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