हम मरते-मरते जी गए इतनी सी बात पर वो जाते-जाते कह गए घर आना ईद है

  • Posted on: 10 July 2018
  • By: admin
जयपुर। ऐसे प्रोग्राम गंगा जमुनी तहजीब के लिए एक मिसाल बनते हैं जिसकी  जीती जागती मिसाल अरशद वारसी है मेरी कामयाबी का राज यही है कि मैं जो सोचता हूं वही करता हूं जात धर्म मजहब इंसान की जिंदगी में कोई मायने नहीं रखता मायने रखती है तो इंसानियत हम जात धर्म से अलग हटकर  पहले इंसान है हमें चाहिए कि हम ऐसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करें उन लोगों का सहयोग करें जो अरशद वारसी जैसे लोग इन कार्यक्रमों को करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं
और इंसानियत की मिसाल पेश करते हैं हमें ऐसे कार्यक्रम करने वालों का हमेशा सहयोग करते रहना चाहिए मैं अरशद वारसी को धन्यवाद देता हूं और उनकी हिम्मत और और हौसले की सराहना करता हूं कि वह लगातार कुछ ना कुछ ऐसे कार्यक्रम जयपुर शहर को देते रहते हैं जो आपसी सौहार्द वह सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल बनते हैं
यह बात एवर डाटा टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड जयपुर के मैनेजिंग डायरेक्टर नवीन शर्मा ने काफिला परिवार व साहस संवाद की ओर से आमेर के द ब्राइट चिल्ड्रन एकेडमी के प्रांगण में आयोजित ईद मिलन समारोह में कहीं कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर खालिद जयपुरी ने किया इस कार्यक्रम में अरशद वारसी ने अपनी गज़़ल लाख करे वो कोशिश हमको जुदा नहीं कर पाएगा। हार के एकदिन वह तो यारों अपने मुंह की खाएगा गाकर कार्यक्रम में समा बांधा कार्यक्रम में 6 वर्षीय नन्ही परी अनम वारसी ने गले मिलो ना मिलो दिल को मिलाए रखना।
प्यार का दीप जमाने में जलाए रखना गाकर इस बच्ची के गीत ने सब लोगों का दिल जीत लिया और सब लोग ने इस बच्चे की सराहना की इसके अलावा समाचार जगत के ओपी मिश्रा ने भी अपनी कविता से लोगों का मन आकर्षित किया इस कार्यक्रम में बहुत से वक्ताओं ने अपने अपने सुझाव पेश किए एडवोकेट बसंत हरियाणा ने आज के माहौल और अरशद वारसी की सराहना करते हुए समारोह को संबोधित किया मानवाधिकार के राजिक मंसूरी ने कहा कि हमें सबसे पहले अपने बीवी बच्चों और पड़ोसियों और मोहल्ले वालों से मोहब्बत करनी चाहिए अगर हम अपने मोहल्ले में सुकून कायम करने में कामयाब हो गए तो देश में अमन चैन अपने आप कायम हो जाएगा समाजवादी पार्टी के आफताब खान ने सांप्रदायिक सद्भाव को ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से कायम करने पर जोर देते हुए कहा कि देश का माहौल बिगड़ रहा है या बिगाड़ा जा रहा है लेकिन अगर कुछ लोग देश का माहौल बिगाडऩे में लगे हैं तो कुछ अरशद वारसी जैसे या नवीन शर्मा जी जैसे भी लोग हैं जो देश के अमनओ-अमान के लिए हर समय तत्पर रहते हैं बसपा के डॉक्टर इकबाल हुसैन ने अपने वक्तव्य में सांप्रदायिक सद्भाव व देश में खुशहाली बनाए रखने के लिए जोर दिया पत्रकार आरिफ आजाद ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमें तत्पर करते रहना चाहिए और करने वालों का भरपूर सहयोग भी करना चाहिए मानवाधिकार के प्रदेश उपाध्यक्ष सूफी ताहिर अली उर्फ लल्लू बाबा ने भी सांप्रदायिक सद्भाव को ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बनाए रखने का एक जरिया बताया डॉक्टर खालिद जयपुरी ने अपने शेरों से गंगा जमुनी तहजीब को दर्शाया और पढ़ा-हम मरते-मरते जी गए इतनी सी बात पर वो जाते-जाते कह गए घर आना ईद है।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नवीन शर्मा थे इस कार्यक्रम में कई संस्थाओं से आए लोग जिनमें सद्भावना विकास समिति के अध्यक्ष फरीद खान महामंत्री इमरान मुफस्सिल, एक हाथ मदद की ओर से अ. रज्जाक 'थोईÓ अकील खान, समाजवादी के जुबेर खान, कांग्रेस से मजीद पठान, नेशनल कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आफताब खान, आप पार्टी के आजम खान, नरेश शर्मा, राघव जी, पत्रकारों में मुस्तकीम, अरशद हुसैन, महावीर, रूद्ब नरूका, मीनू कमल खींची, किरदार से नसीमुद्दीन, यूनिक टुडे से नईम खान, जसवंत मनवानी, गणेश रावत, महेंद्र सिंह, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
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