सोशल मीडिया की ताकत

  • Posted on: 10 January 2018
  • By: admin
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा एक बौद्धिक व्यक्ति हैं और दुनियाभर में उनका सम्मान है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कुछ लोग असफल नेता मानते हैं, या तो इस कारण उनके पास करिश्मा व व्यक्तिगत शक्ति नहीं है, या फिर इस वजह से कि ओबामा नस्लीय तौर पर एक अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं. वे बहुत प्रतिभाशाली लोग हैं और दूसरे नेताओं की तरह हमेशा भले ही नहीं बोलते हों, पर जब वे बोलते हैं, तो इन्हें सुनना निश्चित तौर पर बेहद फायदेमंद होता है।
कुछ दिनों पहले बराक ओबामा ने ब्रिटेन के राजकुमार हैरी को एक अदुभुत साक्षात्कार दिया था. इसमें उन्होंने सोशल मीडिया और आधुनिक दुनिया पर इसके प्रभाव से जुड़े कुछ पहलुओं के बारे में बात की थी। ओबामा ने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया समान रुचि वाले लोगों को जोडऩे और उन्हें एक-दूसरे को जानने और संपर्क में बने रहने का वास्तव में एक शक्तिशाली औजार है. इसके बाद उन्होंने आगे यह भी कहा, लेकिन उन्हें ऑफलाइन होकर पब में, पूजा स्थल पर, पड़ोस में जाकर लोगों से मिलना और उन्हें जानना भी जरूरी है। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि इंटरनेट पर हर बात बहुत सरल दिखायी देती है और जब हम लोगों से आमने-सामने मिलते हैं, तो पता चलता है कि वे बहुत जटिल हैं. इंटरनेट का एक खतरा यह भी है कि यहां लोगों की वास्तविकता एकदम अलग हो सकती है। वे अपने पूर्वाग्रहों को मजबूत करनेवाली सूचनाओं तक ही सीमित रह सकते हैं। 
मुझे लगता है कि हम जिस तरह इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, उससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को ओबामा ने रेखांकित किया है। व्यक्तिगत तौर पर मैं सोशल मीडिया पर नहीं हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि यह बहुत ध्यान भटकानेवाली चीज है. हालांकि, कभी-कभार जब भी मैं ऑनलाइन लेख के कमेंट सेक्शन में जाता हूं, तो निराश हो जाता हूं। यहां जिस मात्रा में क्रुद्ध और भ्रामक बातें कही जाती हैं और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, वह किसी को भी इससे दूर करने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, सच्चाई तो यह है कि इस तरह की बेकार बातें हमें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में देखने को नहीं मिलती हैं. ऐसे लोग जब आमने-सामने होते हैं, तब राजनीति व धर्म को लेकर उनके तर्क-वितर्क अभद्रता की सीमा तक नहीं पहुंचते. यह इंटरनेट पर अनाम बने रहने की शक्ति है, जो हमें अनर्गल बातें करने-कहने का साहस देती है।
 
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