सुप्रीम कोर्ट ने कहा, असम एनआरसी की समय सीमा 31 जुलाई ही रहेगी

  • Posted on: 10 May 2019
  • By: admin
नई दिल्ली। असम में राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण (NRC) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि इसे अंतिम रूप देने की 31 जुलाई की समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस आरएफ नरिमन की डबल बेंच ने असम हृक्रष्ट के संयोजक प्रतीक हजेला को NRC मसौदे में नागरिकों के नाम शामिल करने या गलत तरीके से बाहर करने संबंधी दावों और आपत्तियों का निपटारा करने को कहा।
बेंच ने यह निर्देश उस वक्त दिया जब हजेला ने सूचित किया कि NRC के मसौदे में चुने हुए व्यक्तियों के नाम शामिल करने पर आपत्ति करने वाले कई लोग इन शिकायतों पर विचार करने वाली समिति के सामने नहीं आ रहे हैं।
डबल बेंच ने हजेला से कहा, आप इस पर फैसला करें। अगर वे आपत्ति पर आगे नहीं आ रहे हैं तो कानून अपना काम करेगा। आप जो भी करें तारीख 31 जुलाई ही रहेगी। इससे एक दिन पहले तो हो सकता है लेकिन एक दिन बाद नहीं। कोर्ट ने हजेला से विवेक से फैसला लेने और कानून का ध्यान रखने को कहा है। इसके साथ ही पीठ ने कहा कि अगर आपत्ति करने वाले आगे नहीं आते हैं तो हजेला कानून के अनुसार कदम बढ़ा सकते हैं।
बता दें कि हृक्रष्ट का मसौदा 30 जुलाई, 2018 को प्रकाशित हुआ था जिसमें 3.29 करोड़ लोगों में से 2.89 करोड़ लोगों के नाम ही शामिल किए गए थे। इस सूची में 40,70,707 लोगों के नाम नहीं थे जबकि 37,59,630 लोगों के नाम अस्वीकार कर दिए गए थे। बाकी 2,48,077 लोगों के नाम अलग रखे गए थे।
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