सावधि जमा से रिटायरमेंट के बाद जिंदगी हो जाती है आसान

  • Posted on: 10 February 2019
  • By: admin

नई दिल्ली। सावधि जमा पर बचत खाते के मुकाबले ज्यादा ब्याज दर का ऑफर मिलता है। इसमें बाजार से जुड़े जोखिम भी नहीं होते, लिहाजा रिटायरमेंट प्लान के पोर्टफोलियो में इसे शामिल करना अच्छी रणनीति साबित हो सकती है। सचिन सिक्का रिटेल एवं सीएसआर डिपार्टमेंट प्रमुख, बजाज फाइनेंस सावधि जमा पर बचत खाते के मुकाबले ज्यादा ब्याज दर का ऑफर मिलता है।
इसमें बाजार से जुड़े जोखिम भी नहीं होते, लिहाजा रिटायरमेंट प्लान के पोर्टफोलियो में इसे शामिल करना अच्छी रणनीति साबित हो सकती है। बचत के बारे में एक किस्म का भय घर कर गया है कि यह जीवन की जरूरतें पूरी नहीं कर पाएगी। इसके कारण निवेश के विकल्पों की एक लहर सी आ गई है, जो निश्चित रिटायरमेंट फंड की गारंटी के लिए तैयार किए गए हैं। ज्यादा जोखिम और कम जोखिम वाले निवेश के इन विकल्पों के मिश्रण सेअपने निवेश पोर्टफोलियो का विविधीकरण करने से जोखिम कम हो सकता है और इससे स्थिर आय अर्जित करने में मदद मिलेगी। कई तरह के कम जोखिम वाले निवेश हैं, मसलन लोक भविष्य निधि योजना (पीपीएफ), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, बॉन्ड, बचत खाता और कुछ लचीलेपन के साथ तय मुनाफे की तलाश करने वाले लोग सावधि जमा निवेश का विकल्प भी चुनते हैं। सावधि जमा का विकल्प बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) देती हैं, जिसके तहत वे तय परिपक्वता अवधि तक बचत खाते के मुकाबले ज्यादा ब्याज दर की पेशकश करती हैं। इसके तहत तय राशि मिलती है, जिसमें कोई अनिश्चितता शामिल नहीं होती है। मार्केट लिंक्ड निवेश योजनाओं के विपरीत सावधि जमा योजना पर इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता कि बाजार का प्रदर्शन कैसा है। जब आप सावधि जमा में निवेश करते हैं तो शुरुआत में ही पूरी अवधि की ब्याज दर तय हो जाती है। सावधि जमा दो तरह के होते हैं- संचयी और गैर-संचयी। यदि आप रिटायरमेंट के बाद के लिए निवेश कर रहे हैंतो आप संचयी सावधि जमा का विकल्प चुन सकते हैं। जब आप लंबी अवधि का चुनाव करते हैं और संचयी ब्याज का विकल्प चुनते हैं तो आपको चक्रवृद्धि ब्याज (कंपाउंडिंग) का फायदा होता है और फंड बेहतर ब्याज दर के साथ बढ़ता चला जाता है। रिटायर होने पर आप गैर-संचयी सावधि जमा का विकल्प चुन सकते हैं और अपनी जरूरत के मुताबिक मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर भुगतान का फायदा उठा सकते हैं। गैर संचयी सुनिश्चित जमा के साथ आप रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय के स्त्रोत की उम्मीद कर सकते हैं। न्यूनतम निवेश की राशि कम है और आप यह तय कर सकते हैं कि कितने दिन के लिए निवेश करना चाहते हैं। इसका अर्थ है कि आप कुछ महीनों से लेकर 10 वर्ष से अधिक (यदि सावधि जमा आपके रिटायरमेंट प्लान का प्रमुख हिस्सा है तो) तक की अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। यदि अचानक पैसे की जरूरत पड़ जाए तो आपको अपनी बचत भुनाने की जरूरत नहीं है। बजाय इसके, आप सावधि जमा को गिरवी रखकर लोन उठा सकते हैं। ऐसे लोन सुलभहोते हैं और इससे यह भी पक्का हो जाता है कि आपका निवेश सुरक्षित है और नकदी की आकस्मिक जरुरत भी पूरी हो रही है। इन लाभों से स्पष्ट है कि सावधि जमा रिटायरमेंट को सुरक्षित करने का बेहतर तरीका क्यों है? इसके अलावा यदि आप रिटायर होने के बाद निवेश करते हैं तो ज्यादा ब्याज दर भी मिलेगी। साथ ही रिजर्व बैंक की मौजूदा नीतियों के कारण सावधि जमा पर ब्याज दर बढ़ी है, जिसके कारण यह सही समय है कि सावधि जमा का फायदा उठाया जाए और भविष्य को सुरक्षित किया जाए।

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