शिक्षा में नवाचार से आए सकारात्मक परिणाम : देवनानी

  • Posted on: 25 January 2017
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जयपुर। शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राज्य सरकार ने पिछले तीन सालों में शिक्षा के उन्नयन को लेकर कई नवाचार किए हैं जिनके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। राज्य सरकार की मंशा है कि राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ही नहीं विश्व में अपनी पहचान बनाए। शिक्षा मंत्री स्थानीय एसआईईआरटी में प्रदेश भर के शिक्षा अधिकारियों के चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन के पहले सत्र को संबोधित कर रहे थे।

देवनानी ने कहा कि नवाचारों का परिणाम है कि प्रदेश की शिक्षा के स्तर गुणात्मक सुधार देखने को मिला है। पिछले साल रिकॉर्ड 91 हजार बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार मिलना इस बात की पुष्टि करता है। एक सर्वे के अनुसार प्रदेश के छात्रों का पिछले दो वर्षों में लर्निंग लेवल  8 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा है। 16 हजार विद्यालयों के मर्जर के बावजूद 13 से 15 लाख नए नामांकन करने में राजकीय विद्यालयों को सफलता मिली है जो पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सभी सुविधाओं युक्त आदर्श एवं उत्कष्ट विद्यालय की स्थापना इसी नवाचार का परिणाम है। आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों से जोडऩे का कार्य भी इन दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।      

उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट तथा एसआईईआरटी को आर्थिक मजबूती देने के लिए सरकार बीएसटीसी के विद्यार्थियों से प्राप्त फीस में से निश्चित हिस्सा इन संस्थानों को देने की योजना बना रही है।  शिक्षा का आधार शिक्षक को बताते हुए उन्होने कहा कि समय-समय पर प्रशिक्षण देकर योग्यता का परिष्कार करना आवश्यक है। सभी प्रशिक्षण अवकाश के दौरान रखे जाने के प्रयत्न किए जा रहे हैं ताकि शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत असर न पड़े। आठवीं कक्षा तक फेल नहीं करने की नीति पर पुनर्विचार हेतु भी राजस्थान ने देश में अग्रणी भूमिका निभाते हुए 8वीं बोर्ड की परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की है।  प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन इस पहले सत्र को माध्यमिक शिक्षा निदेशक बीएल स्वर्णकार, रमसा के निदेशक अशफाक शेख ने भी संबोधित किया।

खुले सत्र में खुलकर आए सुझाव      
प्रदेश भर से आए डाइट प्रिंसिपल एवं अन्य शिक्षा अधिकारियों ने खुले सत्र में चर्चा करते हुए राज्य में शिक्षा से जुड़ी नीतियों के बारे में खुलकर सुझाव दिए। डाइट के लिए अलग से विषयवार पद सृजित कर भर्तियां करने, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में भी सीधी भर्ती करने, सभी जिला मुख्यालयों पर शिक्षा संकुल बनाने, डाइट के रिक्त पदों को भरने, जैसे सुझाव सामने आए।
एसआईईआरटी के अधिकारियों की ली बैठक   

देवनानी ने एसआईईआरटी के अधिकारियों के साथ बैठक कर संस्थान में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की।

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