शकर उत्पादन 14 प्रतिशत घटने की आशंका

  • Posted on: 25 July 2019
  • By: admin
मुंबई। महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में कमजोर मानसून का असर शकर उत्पादन पर नजर आ सकता है। इस साल अक्टूबर से शुरू होने वाले पेराई सीजन 2019-20 के दौरान शकर का उत्पादन घटकर 282 लाख टन रह जाने का अनुमान है, जबकि चालू पेराई सीजन में 329.50 लाख टन उत्पादन की संभावना है। लगातार दूसरे वर्ष उत्पादन घटने के बावजूद देश में उपलब्ध बफर स्टॉक के कारण तेजी के आसार कम हैं।
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (इस्मा) के मुताबिक चालू पेराई सीजन में गन्ने का रकबा 10 प्रतिशत घटकर 49.31 हेक्टेयर रह गया है, जबकि फसल सीजन 20118-19 में रकबा 55.02 लाख हेक्टेयर था।
पहली अक्टूबर, 2018 से शुरू पेराई सीजन 2018-19 में 30 जून 2019 तक 328.09 लाख टन शकर का उत्पादन हो चुका है।
माना जा रहा है कि सीजन के आखिर यानी 30 सितंबर 2019 तक एक-डेढ़ लाख टन और शकर उत्पादन हो सकता है। ऐसे में कुल उत्पादन 329-329.50 लाख तक पहुंच सकता है।
महाराष्ट्र में फसल पर सूखे का असर
महाराष्ट्र में बारिश से कमी से गन्ने का रकबा 30 फीसदी घटकर 8.23 लाख हेक्टेयर रह गया है, जबकि पिछले साल यहां 11.54 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती हुई थी। महाराष्ट्र में शकर का उत्पादन भी पेराई सीजन 2019-20 में घटकर 70 लाख टन रह जाने का अनुमान है, जबकि चालू पेराई सीजन में 107.19 लाख टन शकर का उत्पादन हुआ है। महाराष्ट्र की तरह कर्नाटक में भी पानी की कमी से गन्ने का रकबा घटकर 4.20 लाख हेक्टेयर रह जाने का अनुमान है। पिछले साल राज्य में 5.02 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती हुई थी। राज्य में शकर का उत्पादन 43.65 लाख टन से घटकर 35 लाख टन रह जाने का अनुमान है। तमिलनाडु में भी गन्ने रकबा पिछले साल के 2.60 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.30 लाख हेक्टेयर रह जाने का अनुमान है। इसके कारण राज्य में शकर का उत्पादन घटकर 7.50 लाख टन रह जाने की संभावना जताई गई है, जबकि चालू पेराई सीजन के दौरान राज्य में 8.60 लाख टन का उत्पादन हुआ है। अन्य राज्यों में शकर का उत्पादन 50 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल के लगभग बराबर ही है।
उत्तर प्रदेश की स्थिति अलग
सबसे बड़े शकर उत्पादक उत्तर प्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों से थोड़ी अलग है। यहां गन्ने का रकबा 24.11 लाख हेक्टेयर से मामूली घटकर 23.60 लाख हेक्टेयर रह गया। लेकिन, अधिक उत्पादकता वाले गन्ने की किस्म के कारण अगले पेराई सीजन में शकर का उत्पादन बढ़कर 120 लाख टन तक पहंच जाने का अनुमान लगाया गया है। चालू सीजन में राज्य में 118.23 लाख टन का उत्पादन हुआ है। यह लगातार दूसरा वर्ष होगा, जब राज्य में गन्ने से शकर की रिकवरी बढऩे की उम्मीद है।
किसानों को भुगतान में तेजी
लोकसभा चुनाव में गन्ना किसानों को दिए गए आश्वासन के चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने मिलों के जरिए गन्ना बकाया का भुगतान तेज कर दिया है।
Category: