वालमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे पर लगे आरोप की जांच कर रही सरकार

  • Posted on: 10 August 2018
  • By: admin
नई दिल्ली। सरकार ने अमेरिकी रिटेल कंपनी वालमार्ट और फ्लिपकार्ट डील में अनिमितताओं के आरोपों की जांच को संबंधित विभाग भेज दिया है। व्यापार संगठनों ने इस सौदे को नियमों के विरुद्ध बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वाणिज्य एवं औद्योगिक राज्य मंत्री सीआर चौधरी ने बताया कि कई व्यापार संगठनों ने फ्लिपकार्ट-वालमार्ट सौदे के तौर-तरीकों पर सवाल उठाया है।
इसे लेकर उन्हें एक आरोप पत्र मिला है, जिसमें आरोप लगाया गया कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में एफडीआइ पॉलिसी के नियमों और दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने कहा कि वालमार्ट की ओर से फ्लिपकार्ट के शेयरों के अधिग्रहण के मामले में कई चरणों पर अनिमितताओं के आरोप लगाए गए है।
अमेरिकी रिटेल कंपनी वालमार्ट ने मई 2018 में फ्लिपकार्ट के 77 फीसदी शेयर खरीद कर कंपनी के अधिग्रहण का एलान किया था। यह सौदा 20.8 अरब डॉलर में हुआ था।
खुदरा व्यापार संगठन कैट ने 23 जुलाई को दिल्ली में आयोजित अपने तीन दिवसीय सम्मेलन में सरकार से डील को अनुमति न देने की बात कही थी। संगठन ने इस सौदे के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन चलाने की भी बात कही थी। कैट का मानना है कि फ्लिपकार्ट-वालमार्ट डील देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है और इससे घरेलू व्यापार बर्बाद हो जाएगा।
फ्लिपकार्ट की हिस्सेदारी बिकने से सॉफ्टबैंक का मुनाफा डेढ़ गुना-
जापानी टेक्नोलॉजी कंपनी सॉफ्टबैंक ग्र्रुप ने कहा है कि जून में समाप्त तिमाही में उसका परिचालन लाभ 49 फीसद बढ़ गया। भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में सॉफ्टबैंक की हिस्सेदारी बिकने से उसका मुनाफा बढ़ा है।
जून तिमाही में 715 अरब येन (6.42 अरब डॉलर) परिचालन लाभ कमाने वाले सॉफ्टबैंक ग्र्रुप ने कहा है कि चिप डिजाइनर कंपनी एआरएम होल्डिंग्स के चीनी परिचालन की बहुमत हिस्सेदारी बिकने से भी उसके मुनाफे में इजाफा हुआ है।
सॉफ्टबैंक ने एक बयान में कहा कि फ्लिपकार्ट शेयरों की बिक्री इसके निवेश के 24 महीने के भीतर पूरा हो जाएगा। चूंकि कंपनी की फ्लिपकार्ट में हिस्सेदारी की बिक्री पर भारत में शॉर्ट टर्म गेन टैक्स लगेगा, इस वजह से डेफर्ड टैक्स 43.68 फीसद होगा।
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