वाइस एडमिरल वर्मा ने एक दिन बाद ही आम्र्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल से वापस ली याचिका

  • Posted on: 10 April 2019
  • By: admin
नई दिल्ली। नौसेना प्रमुख के तौर पर वाइस एडमिरल करमबीर सिंह की सरकार द्वारा नियुक्ति की गई है। इस नियुक्ति में सीनियरिटी का ध्यान ना रखने को लेकर वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल (AFT)  में दाखिल की थी। सोमवार को दाखिल की गई पिटीशन मंगलवार को एक दिन बाद ही वर्मा द्वारा आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल की सलाह पर वापस ले ली गई। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
बता दें कि अंडमान निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ वर्मा ने सोमवार को आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया था और पूछा था कि सबसे वरिष्ठ होने के बाद भी अगले नौसेना प्रमुख के लिए उनके नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया।
सूत्रों ने बताया कि एएफटी ने वर्मा से कहा कि उन्हें अपनी शिकायतों का निराकरण आंतरिक उपायों से करना चाहिए। इसके बाद उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली।
्रस्नञ्ज ने कहा कि अगर वह आंतरिक उपायों से संतुष्ट नहीं होते तो फिर ट्रिब्यूनल में आ सकते हैं। वर्मा ने सोमवार को एएफटी में याचिका दायर कर यह जानना चाहा था कि सरकार ने उनकी वरिष्ठता की अनदेखी क्यों की और वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को अगला नौसेना प्रमुख क्यों नियुक्त किया।
मोदी सरकार ने पिछले महीने ही करमबीर सिंह को अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त किया था। वह एडमिरल सुनील लांबा की जगह लेंगे जो 30 मई को रिटायर होंगे। सरकार ने मेरिट के आधार पर चयन किया है और सबसे वरिष्ठ अधिकारी को पद पर नियुक्त करने की परंपरा नहीं अपनाई।
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