मौसमी बीमारियों की स्थिति नियंत्रण में

  • Posted on: 25 April 2018
  • By: admin
जयपुर। प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या में  कमी दर्ज की गयी है। समस्त चिकित्सा संस्थानों में सभी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय जांच एवं परामर्श सेवा,  आवश्यक दवाईयों विशेषरूप से जीवनरक्षक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। चिकित्सा एंव स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने सोमवार को झालाना स्थित राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (सीफू) में मौसमी बीमारियों यथा स्वाईन फ्लू, डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया के बारे में विस्तार से समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि स्वाईन फ्लू, डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया पॉजिटिव प्रकरणों के संबंध में निर्धारित मापदण्डों के अनुसार कार्यवाही की जा रही है। साथ ही समय-समय पर अभियान चलाकर हैल्थ स्क्रीनिंग के साथ ही आमजन को जागरूक किया जा रहा है। 
उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक मई से 30 जून तक संचालित किये जाने वाले राजस्व लोक अदालत अभियान न्याय आपके द्वार के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेरा गाँव-स्वस्थ गाँव अभियान संचालित किया जायेगा। इससे पूर्व भी प्रदेशभर में स्वास्थ्य दल आपके द्वार अभियान संचालित कर व्यापक स्तर पर कार्यवाही की गयी थी। श्री सराफ ने बताया कि प्रदेश में डेंगू की जांच के लिए एलाईजा रीडर मशीन संचालित हैं। उन्होंने बताया कि मच्छरों की रोकथाम हेतु फोगिग मशीने कार्यशील हैं। साथ ही खराब फोगिग मशीनों को जिला स्तर पर ही ठीक कराने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि मौसमी बीमारियों के नियंत्रण हेतु सभी दवाईयों की आपूर्ति पर निरन्तर निगरानी एवं चिकित्सा संस्थानों में दवा वितरण केन्द्रों की व्यवस्थाओं की भी नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। साथ ही चिकित्सा संस्थानों में समय पर चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। 
स्वाईन फ्लू पॉजिटिव मामलों में आयी कमी-सराफ ने बताया कि वर्ष 2017 के अप्रेल माह की तुलना में वर्ष 2018 के अप्रेल माह में स्वाईन फ्लू पॉजिटिव मामलों में कमी दर्ज की गयी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के अप्रेल माह में स्वाईन फ्लू के 148 केसेज पॉजिटिव पाये गये थे। जबकि वर्ष 2018 में इस माह में अब तक मात्र 41 केसेज ही स्वाईन फ्लू पॉजिटिव पाये गये हैं। 
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में अप्रेल माह व वर्ष 2018 में अप्रेल माह तक मलेरिया पॉजिटिव मामलों में भी कमी दर्ज की गयी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के एक जनवरी से लेकर अप्रेल माह तक 17 लाख 85 हजार 825 ब्लड सैम्पल कलेक्ट किये गये। जिनमें से 306 मलेरिया पॉजिटिव मामले पाये गये थे। जबकि  वर्ष 2018 के अप्रेल माह तक 17 लाख 65 हजार 633 ब्लड सैम्पल कलेक्ट किये। जिनमें से 281 मामले मलेरिया पॉजिटिव पाये गये हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती वीनू गुप्ता ने बताया कि प्रभावित जिलों में स्क्रीनिंग, उपचार, परामर्श एवं व्यापक स्तर पर जागरूकता हेतु प्रचार-प्रसार के निर्देश दिये गये हैं। 
 
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