महात्मा गांधी की तमाम यादों को संजोये हुए है गुजरात का अहमदाबाद

  • Posted on: 10 November 2018
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गुजरात का अहमदाबाद कर्णावती शहर के नाम से भी मशहूर है क्योंकि इस शहर को राजा कर्णदेव प्रथम ने बसाया था। सोलंकी वंश जैसे-जैसे खत्म हुआ समय बढ़ता गया और सुल्तान अहमद शाह ने कर्णावती पर हमला कर दिया और इसे अपने कब्जे में ले लिया और तब अहमद शाह ने इस शहर का नाम बदलकर अहमदाबाद रख दिया। अहमदाबाद के कुछ लोकप्रिय पर्यटन स्थल इस प्रकार हैं-
साबरमती आश्रम
साबरमती आश्रम को देखने के लिए हर दिन सैंकड़ों लोग आते हैं। साबरमती आश्रम में रखा गांधीजी का चरखा और गांधी सिद्धांतों पर विनोबाजी द्वारा बनाया गया जीवन-चक्र पट। साबरमती आश्रम से लगभग 6 किलोमीटर दूर बहती साबरमती नदी। दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद महात्मा गांधी ने भारत में अपना पहला आश्रम 25 मई, 1915 को अहमदाबाद के कोचराब क्षेत्र में स्थापित किया था। यह आश्रम 17 जून, 1917 को साबरमती नदी के किनारे स्थानांतरित किया गया। साबरमती नदी के तट पर स्थित होने के कारण इस आश्रम को 'साबरमती आश्रमÓ नाम दिया गया। 
टेक्सटाइल का केलिको संग्रहालय-कैलिको म्यूजियम ऑफ़ टेक्सटाइल संग्रहालय प्राचीन और आधुनिक भारतीय वस्त्रों का तालमेल कराता बेहतरीन संग्रहालय है। ये संग्रहालय पूरी दुनिया में मशहूर है। यहाँ के सभी वस्त्र हस्तनिर्मित और 500 वर्ष पुराने हैं।यहाँ पर आपको शाही वस्त्र, उत्कृष्ट साडिय़ां, आदिवासी परिधान, पटोला और मशरु वौव्स और बांधणी टाई डाई के उल्लेखनीय उदाहरण देखने को मिलते हैं। अडालज की बावड़ी-अडालज की बावड़ी अहमदाबाद स्थित एक सीढ़ीदार कुँआ यानी बावड़ी है जो गुजरात के अडालज नाम के गाँव में बनी हुई है। दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग इस कुएं को देखने आते रहते हैं। वास्तव में यह एक बड़े भवन के रूप में निर्मित है। भारत में इस तरह के कई सीढ़ीनुमा कूप हैं। अडालज गाँव गांधीनगर जिले के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और गांधीनगर से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर है। यह छोटा-सा गाँव प्राचीन काल में दांडई देश नाम से जाना जाता था।
हाथी सिंह जैन मंदिर-सजावट के साथ जटिल नक़्क़ाशी इस मंदिर की प्रमुख विशेषता है। इस मंदिर का निर्माण सफ़ेद संगमरमर पर किया गया है।
हाथीसिंह जैन मंदिर अहमदाबाद के प्रमुख जैन मंदिरों में से एक है। इस मंदिर का निर्माण 19वीं शताब्दी में रिचजन मर्चेंट ने किया था। इस मंदिर को उन्होंने जैनों के 15वें गुरु धर्मनाथ को समर्पित किया था। कांकरिया झील-कांकरीया झील को पूरे गुजरात की सबसे बड़ी झीलों में से एक माना जाता है। इसकी परिधि करीब 2.25 किलोमिटर की है। कांकरीया झील अहमदाबाद के मणीनगर में स्थित है। कांकरीया झील का निर्माण सुल्तान अहमद शाह ने करवाया था। 
 
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