भारत की खास धरोहर मानी जाती हैं ये भव्य ऐतिहासिक इमारतें

  • Posted on: 10 October 2018
  • By: admin
भारत के इतिहास की पहचान यहां पर स्थित किले और मीनारों से है। प्राचीन काल से लेकर मुगलकाल तक तमाम शासकों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए महलों और किलों को बनवाया था और ये इमारतें आज भारत की विरासत मानी जाती हैं। हमारे देश का हर राज्य अपने आप में अपनी एक अलग पहचान रखता है इसका कारण है उस राज्य का इतिहास और वहां की ऐतिहासिक इमारतें। अगर आप भी प्राचीन कला और भारत की धरोहर को देखने का शौक रखते हैं तो इन ऐतिहासिक महलों और किलों को देखना न भूलें-
मेहरानगढ़ किला, राजस्थान
रजवाड़ों की शान माना जाने वाला मेहरानगढ़ का किला राजस्थान के जोधपुर शहर में स्थित है। इस किले का इतिहास 500 साल से भी पुराना है। इस किले को भारत का सबसे बड़ा किला माना जाता है। जोधपुर में स्थित ये किला काफी ऊंचाई पर बना हुआ है। इस किले में सात दरवाजे हैं और इस किले को जोधपुर के राठौर वंश के शासक राव जोधा ने बनवाया था। इस विशाल किले के अंदर छोटे-छोटे काफी खूबसूरत भवन बने हुए हैं जैसे मोती महल, शीश महल आदि। 
आगरा का किला
आगरा का ताजमहल और आगरा का किला आगरा के ऐतिहासिक महत्व का साक्षी है, विशेष रूप से आगरा का किला। इस ऐतिहासिक किले को दुनिया भर से लोग देखने के लिए आते हैं क्योंकि यूनेस्को ने आगरा के इस किले को विश्व धरोहर में शामिल किया है। किले के इतिहास को अगर देखें तो पहले ये राजपूत राजा पृथ्वीराज चौहान का किला कहा जाता था लेकिन जब महमूद गजनवी और पृथ्वीराज चौहान के बीच जंग हुई उसके बाद महमूद गजनवी ने इस किले पर कब्जा कर लिया था। इस किले की चहारदीवारी के अंदर एक पूरा शहर बसा हुआ जिसकी कई इमारतें बेहतरीन कला के नमूनों में से एक है।
ग्वालियर का किला, मध्य प्रदेश
मानसिंह तोमर के द्वारा बनवाया गया ग्वालियर का किला अपने आप में एक लंबा इतिहास समेटे हुए है। पूरे भारत में ये किला सुरक्षा की नजर से ये सबसे सुरक्षित किलों में से एक है। साथ के साथ जिस तरह से इस किले की शिल्पकारी और नक्काशी हुई है ये ग्वालियर के इस किले को सबसे खूबसूरत बनाती है। ये किला मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के गोपांचल पर्वत पर बना हुआ है और पूरे किले को लाल बलुए पत्थर से बनाया गया है।
चित्तौडग़ढ़ का किला, राजस्थान-चित्तौडग़ढ़ को शूरवीरों का शहर कहा जाता है और चित्तौडग़ढ़ की ज़मीन पर 700 एकड़ जमीन में फैला हुआ चित्तौडग़ढ़ का किला भारत के विशालतम किलो में से एक है। जमीन से 500 फुट की ऊंची पहाड़ी पर बना यह किला बेराच नदी के किनारे स्थि?त है। चित्तौड़ी राजपूत के सूर्यवंशी वंश ने 7वीं शताब्दी से 1568 तक परित्याग करने तक शासन किया और 1567 में अकबर ने इस किले की घेराबंदी की थी। इस किले की विशेषता इसके मजबूत प्रवेशद्वार, बुर्ज, महल, मंदिर, दुर्ग और जलाशय हैं जो राजपूत वास्तुकला के बेमिसाल नमूनों में शामिल हैं।
लाल किला, दिल्ली
दिल्ली का लाल किला दिल्ली की ही नहीं पूरे देश की पहचान है। तोमर राजा अनंगपाल द्वारा बनवाए गये इस किले का आज ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ राजनीतिक महत्व भी है। देश के स्वतंत्रता दिवस के दिन, देश के प्रधानमंत्री लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं। अनंगपाल के बाद पृथ्वीराज चौहान ने इसे फिर से बनवाया और शाहजहां ने इसे तुर्क शैली में ढलवाया था। लाल बलुआ पत्थरों और प्राचीर के कारण इसे लाल किला कहा जाता है। भारत के लिए यह किला ऐतिहासिक महत्व रखता है।
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