बैंकों को ऑनलाइन सुरक्षा के लिए छमाही ऑडिट की हिदायत

  • Posted on: 10 October 2018
  • By: admin

नई दिल्ली। साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर सरकार और रिजर्व बैंक ने बैंकों को साइबर सुरक्षा चाक-चौबंद करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में बैंकों को हर छह महीने पर साइबर सेक्योरिटी ऑडिट कराने को कहा गया है। साथ ही बैंकों को पासवर्ड पॉलिसी को भी सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल ही में सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक की थी। इसका मकसद बैंकों के कामकाज और प्रदर्शन का जायजा लेना था।
इसमें साइबर सुरक्षा के संबंध में बैंकों में मौजूदा इंतजाम की भी समीक्षा की गई। बैंकों को स्पष्ट कहा गया है कि वे हर छह माह पर साइबर सेक्योरिटी ऑडिट कराएं। बैंकों को ऑडिट की सिफारिशों का पूरी तरह कार्यान्वयन कर अनुपालन रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। उन्हें यह भी हिदायत दी गई है कि साइबर सुरक्षा में किसी भी सेंध का पता चलने के दो से छह घंटे के भीतर इसकी सूचना आरबीआइ को दे दी जाए। सूत्रों ने कहा कि रिजर्व बैंक ने दो जून, 2016 को बैंकों में साइबर सुक्षा फ्रेमवर्क तैयार कर एक सर्कुलर भेजा था। इस बैठक में यह भी चर्चा हुई कि किन बैंकों ने इस फ्रेमवर्क के अनुरूप व्यवस्था बनाई है। बैंकों को पासवर्ड पॉलिसी को भी सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया ताकि साइबर सुरक्षा में किसी भी तरह चूक न हो। इस नीतियों के तहत पासवर्ड की संरचना और गोपनीयता पर विशेष जोर दिया जाता है। बैंकों को कंप्यूटर से अवांछित सॉफ्टवेयर को हटाने का निर्देश भी दिया गया। इसके साथ ही बैंकों को चीफ इन्फॉर्मेशन सेक्योरिटी ऑफिसर (सीआइएसओ) को मजबूती देने और इस पद पर तकनीकी जानकारी रखने वालों को ही तैनात करने की हिदायत दी गई है। साथ ही सीआइएसओ को भी एक निश्चित समयावधि के बाद बैंक बोर्ड को साइबर सुरक्षा की स्थिति का ब्यौरा देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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