बिटकॉइन ट्रेडिंग के नाम पर 15 करोड़ की ठगी, दो गिरफ्तार

  • Posted on: 25 April 2018
  • By: admin
नई दिल्ली। बिटकॉइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपितों को दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपित मल्टीलेवल मार्केटिंग स्कीम के जरिये लोगों को अपनी फर्जी कंपनी से जोड़ते थे और उन्हें मोटा मुनाफा कमाने के लिए बिटकॉइन की ट्रेडिंग करने के लिए कहते थे।
बिटकॉइन की माइनिंग व ट्रेडिंग के लिए आरोपितों ने एक ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया था। पोर्टल को वह यूएस बेस्ड होने के फर्जी दावे करते थे। साइबर सेल को आरोपितों के लैपटॉप में करीब 5000 लोगों के आइडी मिले हैं।
पुलिस को शक है कि आरोपित कई लोगों से 15 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुके हैं।
डीसीपी साइबर सेल अन्येश रॉय के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम दीपक जांगड़ा (37) व दीपक मल्होत्रा (56) हैं। दोनों सोनीपत (हरियाणा) के रहने वाले हैं। दीपक जांगड़ा पहले मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी में काम कर चुका है। लिहाजा उसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर उसने दीपक मल्होत्रा के साथ मिलकर 5000 से ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ लिया।
उन्होंने बताया कि लोगों को झांसा दिया गया कि बिटकॉइन की कीमत सबसे ज्यादा बढ़ रही है। पिछले दस सालों में 1000 गुना से भी ज्यादा बढ़ी है। 12 फीसद मासिक रिटर्न मिलने का झांसा देने पर कई लोग इनसे जुड़कर बिटकॉइन खरीदने में पैसा निवेश करने लगे।
शुरुआती समय में इन्होंने कई लोगों को मुनाफे के रूप में पैसा रिटर्न भी किया। पुलिस के मुताबिक इन्होंने बीएमपी नाम की अपनी क्रिप्टो करेंसी लांच कर दी। फिर आरोपितों के कहने पर लोगों ने बिटकॉइन की जगह क्रिप्टो करेंसी में पैसा लगाना शुरू कर दिया।
सैकड़ों की संख्या में लोग जब 15 करोड़ से ज्यादा का निवेश कर दिए तब आरोपितों ने निवेशकों को पैसा रिटर्न देना बंद कर दिया। निवेशकों को विश्वास में लेने के लिए दीपक जांगड़ा फाइव स्टार होटलों में मीटिंग करता था। जब निवेशक पैसों की मांग करने लगे तब बीते फरवरी में वह परिवार समेत विदेश भाग गया। कुछ दिन पहले उसके सोनीपत लौटते ही पहले दीपक जांगड़ा व फिर दीपक मल्होत्रा को पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि भारत में क्रिप्टो करेंसी अवैध है।
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