बिटकॉइन को मात करेंगे नये क्रिप्टो उत्पाद

  • Posted on: 10 February 2018
  • By: admin
बिटकॉइन की सफलता का कारण
विकेन्द्रीयकरण-बिटकॉइन करेन्सी का कोई प्राधिकरण नहीं। यह किसी भी 
देश की सरकार या बैंक के नियंत्रण में नहीं है।
गोपनीयता
बिटकॉइन सिस्टम में धन वास्तविक व्यक्ति या संस्थाओं के साथ नहीं अपितु बिटकॉइन के पते से जुड़ा होता है और बिटकॉइन के मालिकों की स्पष्ट रूप से पहचाना नहीं की जा सकती। हालांकि स्वामित्व के गोपनीय होने के साथ समस्त लेन-देन सार्वजनिक होते हैं।
सुगमता-बिटकॉइन का उपयोग करना किसी भी अन्य प्रचलन में चल रही करेन्सी के उपयोग करने से ज्यादा आसान है। यह सिंगल आदेश से आप अपने कम्प्यूटर या मोबाइल के एक आदेश से लेन-देन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
संशोधन और वापसी की संभावनाएं-ब्लॉक चेन पर आधारित होने के कारण एक बार किया गया लेन-देन वापस होना संभव नहीं है। नए जगत के इंटरनेट पर होने वाले लेन-देन सम्बन्धी धोखे से व्यापारियों को सुरक्षित रखता है।
बिटकॉइन ब्लॉक चेन तकनीक की खूबियों का एक मात्र छोटा सा उदाहरण ब्लॉक चेन की खूबियों को देखते हुए नई और पूर्व स्थापित बड़ी कम्पनियां जैसे 'ओरेकल' इत्यादि इसका उपयोग नए सॉल्यूशन्स के डिजाइन में कर रही है।
बिटकॉइन जैसे मॉडल को फॉलो करते हुए बिटकॉइन केश नामक नए करेन्सी की रचना हुई है। जो बिटकॉइन की मौजूदा कमियों को दूर करता हुआ एक नई प्रोमेशिंस क्रिप्टो करेन्सी के रूप में आगे बढ़ रहा है। रिफल नेटवर्क ने ब्लॉक चेन तकनीक का उपयोग करते हुए बैंकों को अन्तरराष्ट्रीय लेन-देन को बहुत सरल बना दिया है। विभिन्न बैंकें अब डॉलर के स्थान पर ङ्गरूक्र नामक रिफल की करेन्सी का उपयोग करने लगी हैï?
एक चायनीज कम्पनी ने मनोरंजन के समस्त उपक्रमों में भुगतान के लिए ट्रॉन (TRX) नामक करेन्सी की संरचना की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मनोरंजन व खेल जगत में भुगतान के तरीकों में जबरदस्त बदलाव ला देगी। DADI नामक संस्था ब्लॉक चेन को क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर उपयोग करते हुए एक नया सिस्टम बना रही है। जो क्लाउड में बड़ी कम्पनियों के एकाधिकार को तोडऩे वाला साबित हो सकता है।
ब्लॉक स्टेज नामक सिस्टम
इन्टरनेट के स्टोरेज सिस्टम को पूरी तरह बदलकर रख देगा जहाँ ब्लॉक चेन के माध्यम से आपका डाटा दूसरे के इन्टरनेट सर्वर पर ना होकर आपके खुद के कम्प्यूटर सर्वर पर रहेगा।
आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्सी बनाएगी साइबर हमलों को और खतरनाक 
इस वेब एण्ड क्लाउड एक्सपो में जयपुर से आए एवरडाटा डेटा सेन्टर के सायबर सिक्यूरिटी विशेषज्ञ आकार पेडीवाल ने समारोह में उपस्थित आई.टी. मैनेजर को साइबर सुरक्षा के बारे में आगाह करते हुए बताया कि आने वाला समय व्यवसायी के इन्फ्रास्ट्रक्चर को आने वाले समय में सुरक्षित करना मुश्किल होगा। क्योंकि जहां व्यवसाइयों ने AI का इस्तेमाल करना शुरू भी नहीं किया है वहीं पर हैकर्स AI का इस्तेमाल करते हुए नए साइबर हमलों की तैयारी में जुटे हैं।
हैकर्स लगातार फायरवॉल व एन्टीवायरस की सुरक्षा के तरीकों को नाकाम करना के नए-नए तरीके खोज रहे हैं। जिस वजह से हमारी पुरानी सिक्यूरिटी के तरीके जैसे फायरवॉल यूटीएम अब हैकर्स को नहीं रोक पा रहे हैं।
हैकर्स के AI इस्तेमाल करने के मुख्य कारण
स्पीड (गति) AI को इस्तेमाल करके किये हुए साइबर हमले बहुत ज्यादा तेज होते हैं।
सामान्यतर AI मैनेजर्स इस हमले को रोके इससे पहले ्रढ्ढ अपना हमला कर चुका होता है।
समझदारी
हैकर्स को AI इस्तेमाल करके अलग-अलग साइबर हमलों को एक साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। जिस वजह से हमारे सिक्योरिटी सिस्टम को समझ नहीं पाते हैं। AI की मदद से हैकर्स हमारे इंस्फ्रास्ट्रक्चर व सॉफ्टवेयर की सिक्योरिटी में आसानी से कमियां ढूंढ सकते हैं और उनका इस्तेमाल करके साइबर अटैक बढ़ सकता है।
सुझाव-्रढ्ढ के हमलों को रोकने के लिए हमें भी AI का इस्तेमाल करना होगा। क्योंकि AI 70' हमलों को समझकर शुरूआत में ही रोक देते हैं। इन हमलों को रोकने के लिए बड़ी आईटी सिक्योरिटी कम्पनीज जैसे सिस्को, चैक प्वाइंट, मैककैफे, वगैरह ्रढ्ढ का इस्तेमाल करते हुए नए सिक्योरिटी सिस्टम के साथ तैयार है। 
आकार पेडीवाल ने बताया कैसे एवर डेटा नए AI हमलों से बचने के लिए अपने सिक्योरिटी सिस्टम को तैयार किया है। सामान्य जागरूकता व सक्रियता इसका बचाव है। आप ई-मेल व वेबसाइट को सोच-समझकर ही खोलें।
इस कार्यक्रम में देश की आईटी कम्पनियों की कई जानी-मानी हस्तियों के साथ-साथ आई.टी कम्पनी के विशेषज्ञों एवं कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया।
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