फेसबुक के बड़े निवेशक चाहते हैं जुकरबर्ग की चेयरमैन पद से विदाई

  • Posted on: 25 November 2018
  • By: admin
सैन फ्रांसिस्को। दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग कंपनी फेसबुक में चेयरमैन और सीईओ मार्क जुकरबर्ग के खिलाफ विरोध के सुर उठने लगे हैं। कंपनी के कुछ बड़े निवेशकों ने जुकरबर्ग पर चेयरमैन पद छोडऩे का दबाव बढ़ा दिया है। एक जांच में कहा गया है कि फेसबुक ने रिपब्लिक पार्टी के एक नेता के नियंत्रण वाली राजनीतिक सलाहकार और जनसंपर्क (पीआर) कंपनी की सेवा ली। इस कंपनी का मकसद फेसबुक की स्पर्धियों को नीचा दिखाना और उन पर कीचड़ उछालना था।
एक अखबार के मुताबिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रिलियम असेट मैनेजमेंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जोनास क्रोन ने जुकरबर्ग से चेयरमैन पद छोड़ देने की मांग की। क्रोन फेसबुक के बड़े निवेशकों में एक हैं। उन्होंने कहा, फेसबुक ऐसे बर्ताव कर रही है जैसे कि वह बहुत खास हो।
हकीकत में ऐसा नहीं है। सच यह है कि फेसबुक एक कंपनी है और कंपनी में चेयरमैन व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद अलग होने ही चाहिए।' जांच रिपोर्ट का मानना है कि फेसबुक ने वाशिंगटन डीसी स्थित डिफाइनर्स पब्लिक अफेयर्स नामक कंपनी की सेवा ली।
इस कंपनी ने फेसबुक की स्पर्धियों और आलोचकों पर जमकर कीचड़ उछाले। हालांकि खबर आने के बाद जुकरबर्ग ने ऐसी किसी कंपनी के बारे में जानकारी होने से इन्कार किया। उन्होंने कहा, खबर देखने के बाद मैंने अपनी टीम से मशविरा किया।
टीम ने मुझे बताया कि हम ऐसी किसी कंपनी के साथ काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि फेसबुक ने कहा कि वह एक समय इस कंपनी की सेवा ले रही थी। लेकिन इसका उपयोग फ्रीडम फ्रॉम फेसबुक अभियान की फंडिंग के लिए किया गया था।
फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) शेरिल सैंडबर्ग ने भी सोशल नेटवर्किंग साइट के साथ डिफाइनर्स पब्लिक अफेयर्स नामक किसी कंपनी के जुड़े होने की खबरों का खंडन किया।
रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक में एक अन्य निवेशक और अर्जुना कैपिटल की नताशा लैंब ने कहा कि चेयरमैन और सीईओ का पद एक ही व्यक्ति के हाथों में होने का सीधा मतलब यह है कि फेसबुक किसी भी अंदरुनी समस्या को आसानी से नजरंदाज कर सकती है।
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