फसल बीमा पर बीमा कंपनियों, राज्यों की जवाबदेही तय होगी:राधामोहन सिंह

  • Posted on: 10 August 2018
  • By: admin
नयी दिल्ली। मोदी सरकार की किसानोन्मुखी योजनाओं को 'आय केंद्रित' करार देते हुए कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि फसलों को नुकसान की स्थिति में दावों के भुगतान के लिये ऐसा सुधार किया जा रहा है कि अंशदान में देर करने पर राज्यों को और भुगतान में देर करने पर बीमा कंपनियों को ब्याज का भुगतान करना होगा। सिंह ने किसानों के सशक्तिकरण के लिये केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, ''पहले 'उत्पादन" केंद्रित योजनाएं चलती थीं लेकिन हमारी सरकार ने 'आय' केंद्रित योजनाओं की शुरूआत की है।" 
फसल बीमा योजना के कार्यान्वयन को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं के बारे में पूछे जाने पर कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को फसल नुकसान के दावों पर बीमा भुगतान के संबंध में दो पहलू सामने आए हैं। पहला यह कि कुछ राज्य सरकारें अपना अंशदान विलंब से करती थीं, दूसरा कि बीमा कंपनियों की ओर से भुगतान में विलंब होता था। सिंह ने कहा कि इस सिलसिले में दो प्रकार के सुधार होने जा रहे हैं । यदि बीमा कंपनियों द्वारा भुगतान में दो महीने से ज्यादा देरी की जायेगी, तो उन्हें 12 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान किसानों को करना पड़ेगा । मंत्री ने कहा कि यदि राज्य सरकारें देर से अपना हिस्सा देती हैं तब ब्याज के भुगतान की जवाबदेही राज्यों की होगी। उन्होंने कहा, '' इस व्यवस्था को जल्द ही अंतिम रूप दिया जायेगा।"
कृषि मंत्री ने कहा कि फसल बीमा योजना को किसानों के लिये सुरक्षा कवच बताते हुए कहा कि नयी फसल बीमा योजना में नयी प्रौद्योगिकी के भरपूर इस्तेमाल के कारण भुगतान अब छह महीने में ही हो जाता है । किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए राधामोहन सिंह ने कहा कि हमारी सरकार बनने से पहले पांच वर्षो :2009 से 2014: की अवधि के लिए कृषि क्षेत्र संबंधी बजट 1,21,082 करोड़ रुपये का था। वहीं, केंद्र में नरेन्द्र मोदी नीत सरकार के बाद 2014-2019 की अवधि के लिए बजटीय आवंटन 74.5 प्रतिशत बढ़ाकर 2,11,694 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
 
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