प्रभु ने निर्यात बढ़ाने के लिये मंत्रालयों से कार्य योजना तैयार करने को कहा

  • Posted on: 10 May 2018
  • By: admin
नयी दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने निर्यात बढ़ाने के लिये कृषि एवं औषधि समेत विभिन्न विभागों और मंत्रालयों से अपनी कार्य योजनाएं देने को कहा है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार खंडवार निर्यात संवर्द्धन रणनीति पर विभिन्न विभागों की सचिवों तथा वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रभु ने उनसे एक पखवाड़े के भीतर अपनी योजनाएं देने को कहा। मंत्रालय ने कहा, ''कार्य योजना में अल्पकालीन लक्ष्य होने चाहिए तो अगले दो महीनों में पूरे किये जाने लायक है।"
उन्होंने कहा कि देश के लिये निर्यात रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और निर्यात में सतत वृद्धि भारत के लिये महत्वपूर्ण है।
प्रभु ने कहा, ''इसीलिए संयुक्त मिशन के रूप से निर्यात को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। इसके लिये सरकार के सभी मंत्रालयों तथा विभागों के प्रयास की जरूरत है।" वाणिज्य मंत्रालय विदेशों में वाणिज्यिक मिशन के जरिये कार्य योजनाओं को अमल में लाने के लिये विदेश मंत्रालय की सहायता लेगा।
निर्यात को बढ़ावा देने में राज्यों को शामिल करने के महत्व पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि विदेश व्यापार महानिदेशालय के क्षेत्रीय प्राधिकरणों को निर्यात नीति तैयार करने और उसके क्रियान्वयन में राज्यों को सहायता उपलब्ध कराने का काम सौंपा गया है। इसके अलावा एक सेज (विशेष आर्थिक क्षेत्र) पर एक कार्यबज गठित किया गया है। यह कार्यबल यह सुनिश्चित करेगा कि इन क्षेत्रों से निर्यात संभावनाओं को सुनिश्चित किया जाए।
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