प्रदेश सरकार दिव्यांगों की हर संभव मदद करेगी:मुख्यमंत्री

  • Posted on: 10 February 2019
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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि दिव्यांगों के लिए हमारी सरकार ने पूर्व में जो योजनाएँ चलाई थीं, उन योजनाओं को पुन: क्रियान्वित कर जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाया जाएगा। गहलोत ने शुक्रवार को सिरोही के पावापुरी तीर्थ जीव मैत्रीधाम में त्रिदिवसीय विशाल दिव्यांग शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरकार व सामाजिक संस्थाओं का यह दायित्व है कि इन दिव्यांगों की अच्छी सेवा का उनके मन में कोई हीन भावना उत्पन्न नहीं होने दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव-गरीब और वंचित लोगों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य का कार्य नहीं हो सकता है। राज्य सरकार यह चाहती है कि दिव्यांगों के कार्य एक छत के नीचे हो उसके लिए हमने दिव्यांगों का एक अलग निदेशालय बनाया है और इसे हम जिला स्तर पर भी सक्रिय करना चाहते हैं। इसमें सभी का सहयोग जरूरी है। 
गहलोत ने के.पी. संघवी ट्रस्ट पावापुरी के सामाजिक कार्यो की सराहना की। उन्होंने कहा कि अकाल एवं प्राकृतिक आपदा के समय ट्रस्ट के चेयरमैन एवं बाबूकाका के योगदान को मैं कभी भूल नहीं सकता। इनके परिवारजन आज भी जनकल्याणकारी कार्यों में बढ़-चढ़कर योगदान करते हैं, जो सुखद बात है। मुख्यमंत्री ने शिविर में दिव्यांगों के लिए बनाये जा रहे कृत्रिम हाथ- पैर की निर्माण विधि का अवलोकन किया। उन्होंने दिव्यांगों के बीच पहुंचकर उनके हाल-चाल पूछे तथा व्हीलचेयर और ट्राई साईकिल वितरित की। श्री गहलोत ने  पावापुरी गौशाला में एक कल्प वृक्ष का पौधारोपण भी किया। 
पावापुरी में शुक्रवार को के.पी. संघवी चेरीटेबल ट्रस्ट, पावापुरी भगवान महावीर सहायता समिति, जयपुर एवं भारत सेवा संस्थान, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगों को लाभान्वित किया गया। इस शिविर में 122 ट्राई साइकिल, 66 व्हीलचेयर, 31 फुट (पैर), 27 कैलीपर्स, 8 कृत्रिम हाथ, 46 बैशाखी, 32 स्टिक, 171 कान की मशीन वितरित की गईं तथा 210 दिव्यांगों की ऑडियोमीटरी जाँच की गई। इस अवसर पर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, सिरोही जिला प्रभारी एवं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवरसिंह भाटी, विधायक संयम लोढा, भारत सेवा संस्थान के सचिव जीएस बापना, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सचिव डीआर मेहता सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राजेश्वर सिंह ने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं कि वे 18 फरवरी तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्राथमिकता से विकास कार्यों की स्वीकृतियां जारी करना सुनिश्चित्त करें इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी । 
सिहं शुक्रवार को वीडियो कान्फे्रसिंग के जरिये प्रदेश के सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों व अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग से जुड़ी सभी योजनाओं व कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लेकर निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 100 दिवसीय कार्य योजना के अन्तर्गत चारागाह विकास, खेल मैदान, आदर्श तालाब, व्यक्तिगत टांका एवं फार्म पौण्ड, निर्माण, शमशान व कब्रिस्तान  सहित सड़क निर्माण के विकास कार्यों की स्वीकृतियां प्राथमिकता से जारी कर कार्यों को शुरू करवायें । 
सिंह ने उप मुख्य मंत्री द्वारा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के आला अधिकारियों के साथ प्रथम बैठक में दिये गये निर्देशों की तरफ अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि विकास कार्यों की स्वीकृति मेें ढि़लाई बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्व कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। मनरेगा योजना के अन्तर्गत प्रतिदिन श्रमिकों के कार्य दिवसों की संख्या 3 गुना बढ़ा कर 26 लाख करने पर प्रसन्नता व्यक्त की । काम मांगों अभियान जारी रखें । 
प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत उन्होंने 74 हजार लाभार्थी जो पूर्व में चिन्हित थे, का नाम सॉफ्टवेयर में अपलोड 7 मार्च तक करवाने के निर्देश दिये।
उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अन्य सभी जन कल्याणकारी योजनाओं में गति लाने के भी निर्देश दिये । 
सिंह ने राजीविका के तहत नये स्वंय सहायता समूह गठित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन स्वंय सहायता समूहों को बैंक ऋण अतिशीध्र स्वीकृत करवाने के लिये 18 से 28 फरवरी तक विशेष अभियान चलायें । इसके लिये सभी जिला कलक्टर्स की अध्यक्षता मेें सभी लीड बैंक प्रबन्धकों एवं जिला स्तरीय बैंकर्स समितियों की बैठक आयोजित की जाये । इन बैठकों में मुख्यालय से एक अधिकारी भी उपस्थित रहेगा । यह अधिकारी जिले की 5 शाखाओं का दौरा करेगा ताकि जिले के लक्ष्य पूर्ण हो सके । 
आयुक्त एवं शासन सचिव, पंचायती राज विभाग श्री सलविन्द्र सिंह सोहता ने नवीन पंचायत भवनों के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने व डिजायन मेें परिवर्तन नहीं करने के निर्देश दिये । 
आयुक्त मनरेगा एवं निदेशक स्वच्छ भारत मिशन पी.सी. किशन ने अधिकारियों  को निर्देश दिया कि विश्व बैंक की ग्रांन्ट के उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं शौचालयों के निर्माण के फोटो 2 दिन में अपलोड करें।
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