पीएम किसान पोर्टल पर परिवार की एंट्री होगी तभी मिलेगी किसान सम्मान निधि

  • Posted on: 25 May 2019
  • By: admin
रायपुर। केंद्र सरकार की योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) का प्रदेश में सही तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है। छत्तीसगढ़ में करीब 30 लाख लघु एवं सीमांत किसानों का पंजीयन इसमें होना था। लेकिन अभी तक लगभग 11 लाख 92 हजार किसानों का डाटा ही अपलोड हो पाया है और केवल 88 हजार किसानों को सम्मान निधि का फायदा मिल पा रहा है। इसके कारण किसान बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।
बैंक के कर्मचारी भी किसानों को सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। केंद्र सरकार ने लघु और सीमांत किसान परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए यह योजना लायी है। केंद्र के दिशा-निर्देश पर छत्तीसगढ़ में भी इस योजना का लाभ किसानों को देने की प्रक्रिया शुरू हुई है। योजना का लाभ किसानों को तभी मिल सकता है, जब उनके परिवार की एंट्री पीएम किसान पोर्टल में होगी।
3.29 लाख किसानों को केंद्रीय पोर्टल ने नकारा
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्राम पंचायतों व तहसील कार्यालयों में किसान सम्मान निधि के लिए किसानों से स्व घोषणापत्र भरवाया जा रहा है। अपडेट देने का काम पटवारियों को सौंपा गया है। करीब 3.29 लाख किसान परिवारों को केंद्रीय पोर्टल ने नकार दिया है। डाटा में गड़बड़ी के कारण पोर्टल में इनका नाम दर्ज नहीं हो पा रहा है। राज्य सरकार ने डाटा में सुधार कर अनिवार्य रूप से पोर्टल में डाटा अपलोड करने का निर्देश जारी किया है। इस काम में सभी 27 जिलों के तहसीलदार और पटवारियों को लगा दिया गया है।
छह हजार रुपये मिलेंगे सालाना-
केंद्र सरकार ने 24 फरवरी को किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की। इसके तहत लघु-सीमांत किसानों को तीन किस्तों में छह हजार रुपये सालाना देने का प्रावधान है। किसानों की जानकारी तहसीलदारों व संबंधित पटवारियों को भेज दी गई है, ताकि उनके डाटा में सुधार किया जा सके। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी के अनुसार सभी कलेक्टरों को पत्र भेजकर डाटा में जल्द सुधार करने का निर्देश दिया गया है।
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