निजी इस्तेमाल के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर नहीं मिलेगी सबसिडी

  • Posted on: 25 July 2019
  • By: admin
नई दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दी जाने वाली सबसिडी केवल व्यावसायिक वाहनों के लिए उपलब्ध होगी। निजी इस्तेमाल के वाहनों को सबसिडी योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक कार्यक्रम में कहा कि चाहे बाइक हो, कार हो, ट्रक हो, बस हो या ई-रिक्शा, सरकार का अनुमान है
कि इन सभी श्रेणियों में देश इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएगा। पेरिस संधि के तहत कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए यह बदलाव जरूरी है।
मेघवाल ने भारत-ब्रिटेन मोबिलिटी फोरम, 2019 में कहा, 'सरकार ने कमर्शियल वाहन मालिकों के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीयत साफ कर दी है। सिर्फ उन्हें ही प्रोत्साहन मिलेगा।
मौजूदा व्यवस्था: दस हजार करोड़ रुपए की फेम स्कीम के तहत व्यावसायिक इस्तेमाल के तिपहिया और चौपहिया वाहनों पर सबसिडी दी जाती है। यह सबसिडी निजी इस्तेमाल के दोपहिया वाहनों पर भी मिलती है। विभिन्न वाहन कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों को लोकप्रिय बनाने और उन्हें किफायती बनाने के लिए निजी इस्तेमाल वाले वाहनों पर भी सबसिडी देने की मांग कर रही हैं।
सरकार की योजना:मेघवाल ने इलेक्ट्रिक वाहनों की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि आने वाली पीढिय़ों को साफ पर्यावरण मुहैया कराने का यह एकमात्र जरिया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की योजना के बारे में उन्होंने कहा कि बड़े और स्मार्ट शहरों में वाहनों को चार्ज करने की सुविधा मुहैया कराने के लिए निकायों से प्रस्ताव मंगवाए गए हैं।
उन्होंने कहा, 2011 की जनगणना के आधार पर 10 लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों में चार्जिंग ढांचा विकसित करने के उद्देश्य से प्रस्ताव मंगवाए गए हैं। शुरुआत में इसके जरिये एक हजार चार्जिंग स्टेशन तैयार करने का लक्ष्य है।
इलेक्ट्रिक हाइवे बनाएगी सरकार: मेघवाल ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक हाईवे भी बनाना चाहती है। उन्होंने कहा, 'हम इस बारे में काम कर रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने से न केवल वायु प्रदूषण कम होगा, बल्कि आयात खर्च में भी कमी आएगी।
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