नासा के शोध में खुलासा, इन पौधों से घर में रहेगी भरपूर ऑक्सीजन

  • Posted on: 10 November 2018
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रायपुर। प्रकृति की ओर सोसाइटी के तत्वावधान में शीतकालीन पुष्पों एवं गुलाब की देखभाल और रखरखाव पर एक कार्यशाला रविवार को वृंदावन हॉल में हुई। कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. गौरव शर्मा एवं डॉ. विजय जैन ने शीतकालीन फूलों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नासा ने अपने शोध में विश्व के दस फूल के पौधों को चिन्हांकित किया है। इसमें प्रदेश के दो पौधे जरबेरा और सेवन्ती शामिल हैं।
शोध में पता चला है कि दोनों पुष्प के पौधे घर पर पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन देते हैं। जिंदल स्टील एवं पावर लिमिटेड के अध्यक्ष प्रदीप टंडन समारोह के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने अंदर आक्सीजन देने वाले पौधों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला के प्रारंभ में प्रकृति की ओर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. एआर दल्ला ने स्वागत भाषण दिया।
उन्होंने कहा कि 'जीवन के हर मोड़ पर फूलों का महत्व है। उन्होंने जनवरी में लगने वाली फल-फूल सब्जी प्रदर्शनी की जानकारी भी दी। सोसाइटी के सचिव मोहन वर्ल्यानी, पूर्व अध्यक्ष दलजीत बग्गा ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में प्रकृति की ओर सोसाइटी की उपाध्यक्ष जया भगवानानी, सुनीता चनसोरिया, सुरेश बानी, किशोर बरडिया, राजेश सिंग, सुरेंद्र श्रीवास्तव, सुलेखा मुखर्जी, बीएच मिश्रा, निर्भय धाड़ीवाल, सूर्य कांत वर्मा, रविंद्र वर्मा, वाहिद शरीफ, डॉ. प्रेम यदु उपस्थित थे।
वैज्ञानिकों ने बताए पुष्प के लगाने के तरीके
बोवाई का समय - सितंबर से अक्टूबर के मध्य
रोपाई का समय- अक्टूबर से नवंबर के मध्य
फूलने का समय- दिसंबर से फरवरी के मध्य
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