नई ऑटो पॉलिसी में प्रदूषण रहित वाहनों पर खास जोर

  • Posted on: 25 February 2018
  • By: admin

नई दिल्ली। सरकार ने नई ऑटोमोबाइल पॉलिसी का मसौदा पेश किया है जिसमें प्रदूषण मुक्त वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है ताकि पर्यावरण संबंधी लक्ष्य हासिल हो सकें और तकनीक बदलाव से उत्पन्न अवसरों का फायदा उठाया जा सके। इस मसौदे पर सरकार ने सभी पक्षों और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी नीति के मसौदे के अनुसार ग्र्रीन मोबिलिटी ही ग्लोबल ऑटोमोबाइल उद्योग का भविष्य होगा। देश को जल्दी ही इसके लिए क्षमता विकसित करनी होगी।
इसे तुरंत अपनाने की भी सख्त जरूरत है। नीति में ग्र्रीन मोबिलिटी के लिए सरकारी रणनीति में स्पष्टता के अभाव और प्रदूषण मुक्त वाहनों की कम मांग के पीछे के कारकों पर प्रकाश डाला गया है। ऑटो पॉलिसी में प्रदूषण रहित और सुरक्षित मोबिलिटी यानी वाहनों पर खास जोर दिया गया है। प्रदूषण उत्सर्जन मानकों को 2028 तक ग्लोबल बेंचमार्क पर लाने की भी बात कही गई है। मसौदे के अनुसार भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को दुनिया में तीसरे शीर्ष स्थान लाने का लक्ष्य है। इसमें इंजीनियरिंग, मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट पर खास जोर होगा। पॉलिसी मुख्य मकसद उद्योग को स्पष्ट रोडमैप और स्थिर नीति मुहैया कराना है ताकि कंपनियां दीर्घकालिक योजनाएं बनाकर अपने लक्ष्य तय कर सकें। पॉलिसी में क्लीन, सेफ, एफीशिएंट और आरामदायक परिवहन सुविधा कराने पर खास जोर है। एक नोडल एजेंसी बनाने का भी प्रस्ताव है। द्विस्तरीय एजेंसी में नेशनल ऑटोमोबाइल काउंसिल होगी। इसके ऊपर शीर्ष संगठन होगा। ऑटो पॉलिसी में कंपोनेंट और मशीनरी पर आयात शुल्क घटाने, टेक्नोलॉजी एक्वीजीशन फंड बनाने और आकर्षक बाजार बनने वाले देशों के साथ कारोबारी समझौतों पर जोर दिया गया है। एक प्रस्ताव के अनुसार सरकार और स्थानीय निकायों को खरीदे जाने वाले नए वाहनों में निश्चित अनुपात में ग्र्रीन वाहन यानी प्रदूषण रहित वाहन खरीदने होंगे।

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