धीमी हुई चीन अर्थव्यवस्था, मंदी का डर

  • Posted on: 31 January 2012
  • By: satish

बीजिंग। एक बार फिर से आर्थिक मंदी पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकती है। बताया जा रहा है कि चीन में पिछले तीन माह में अर्थव्यवस्था की विकास दर पिछले दो सालों में सबसे कम रही है। बताया जा रहा है कि चीन में 2011 में पूरे साल की विकास दर 9.2 फीसदी रही। जबकि 2010 में 10.3 फीसदी थी। कहा जा रहा है कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो चीन में मंदी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। आकड़ों के मुताबिक दिसंबर से पहले तीन माह में सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) 8.9 फीसदी की दर से बढ़ी थी। जबकि पिछली तिमाही में यह दर 9.1 फीसदी था। विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल विकास दर और कम होने की आंशका है। जानकारों ने निर्यात में कमी होने से भी विकास दर को धीमी होने की बात बताई जा रही है। उधर यूरोप और अमरीका में भी आर्थिक संकट की वजह से मांग कम हो गई है। उल्लेखनीय है कि चीन विश्व की दूसरे सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। लेकिन अब लग रहा है कि चीन में भी मंदी की मार आने वाली है। हालांकि चीन अर्थव्यवस्था ने अपने आप को टिकाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए है। चीन ने बाजार में उधार देने की प्रक्रिया कम कर दी है। ताकि प्रॉपर्टी और निवेश बाजार में जरूरत से ज्यादा उछाल न आए। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि यदि इस बार मंदी आई तो चीन और भारत भी इसका असर देखने को मिलेगा।

आर्थिक विश्लेषक भी मान रहे है कि यूरो जोन संकट का व्यापक असर होने लगा है।

 

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