दुरूस्त आयद

  • Posted on: 25 July 2018
  • By: admin
केन्द्र सरकार ने जनता को बड़ी राहत देते हुए फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन समेत सौ उत्पादों पर जीएसटी की दरें घटा दी हैं। सेनेट्री नैपकिन को भी जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया गया है। एक साल से सेनेट्री पैड को कर मुक्त करने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर अब गया है। शनिवार को हुई जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक के दौरान दरें घटाने का फैसला लिया गया। वित्त मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पहले 30-40 वस्तुओं को सस्ता करने का विचार था लेकिन अचानक सौ से अधिक वस्तुओं को सस्ता बनाने का मानस बना लिया गया।
वित्त मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वस्तुओं को सस्ता करने से सरकार पर अधिक बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि सस्ती होने से इन उत्पादों की खरीद बढ़ेगी तो घाटे की स्वत: भरपाई हो जाएगी। काउंसिल ने दरें घटाने के साथ-साथ जीएसटी रिटर्न भरने की प्रक्रिया को और आसान बनाने की भी मंजूरी दी। अब कारोबारियों को सिर्फ एक पेज रिटर्न भरना होगा और एक महीने में तीन की जगह एक ही रिटर्न दाखिल करना होगा। जीएसटी 1 जुलाई 2017 को जब लागू की गई थी तब से कारोबारी इस कर प्रणाली से काफी नाराज थी। उनके सामने रिटर्न की प्रक्रिया बड़ी दुविधा थी। इसे तब से ही सरल बनाने की मांग की जा रही थी, लेकिन सरकार इसे टालती रही। अब जाकर सरकार ने यह मांग स्वीकार की है। पूरे देश में नई कर प्रणाली को लागू करना कोई आसान काम नहीं था। सरकार चाहती तो सभी संबंधित लोगों को साथ लेकर व्यापक विचार-विमर्श कर सकती थी और बाद में जीएसटी को लागू करने का कदम उठाती, मगर सरकार ने बड़ी हड़बड़ी में नई कर प्रणाली को लागू कर दिया। जल्दबाजी की वजह से ही कारोबारियों की नाराजगी और उलझनें बढ़ीं, लेकिन सरकार अपनी गलतियों पर पर्दा डालकर काम चलाती रही।
बहरहाल, एक साल बाद ही सही, सरकार ने अपनी गलतियों को समझ लिया है और अब वह सुधार की तरफ कदम बढ़ाती दिख रही है। वैसे जीएसटी परिषद ने समय-समय पर बैठकें कर कई बदलाव संबंधी फैसले अब तक लिए हैं और वर्तमान बदलाव भी उसी दिशा की एक अगली कड़ी है। इसमें आम आदमी के उपयोग में आने वाले, छोटे स्तरों पर निर्मित और दस्तकारी के छोटे सामानों को प्राथमिकता दी गई है। उदाहरण के लिए सेनेट्री पैड को जीएसटी से पूरी छूट मिली है, जिस पर अब तक 12 प्रतिशत तक कर लगता रहा है।
 
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