डीडीसीए मामले में केजरीवाल की याचिका पर जेटली को नोटिस

  • Posted on: 10 July 2017
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दिल्ली उच्च न्यायालय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वर्ष 1999 से 2014 के बीच में डीडीसीए की बैठकों के मुख्य बिंदुओं की आज जानकारी मांगी जिस पर अदालत ने केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को याचिका पर जवाब देने के निर्देश दिए। संयुक्त रजिस्ट्रार पंकज गुप्ता ने जेटली को नोटिस जारी किया और उनसे केजरीवाल तथा पांच अन्य आप नेताओं के खिलाफ दायर 10 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे के संबंध मे केजरीवाल की अर्जी पर 28 जुलाई तक जवाब देने के लिए कहा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने वर्ष 1999 और 2014 के बीच दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स या कार्यकारिणी समिति और जनरल बॉडी की बैठकों के मुख्य बिंदुओं की जानकारी मांगी। वकील अनुपम श्रीवास्तव के जरिए दायर की गई अर्जी में केजरीवाल ने कहा कि वह 28 जुलाई और 31 जुलाई के बीच सबूतों को दर्ज किए जाने के दौरान इन दस्तावेजों को लेकर जेटली का सामना करना चाहते हैं। जेटली की ओर से पेश हुए केंद्र सरकार के स्थायी वकील अमित महाजन ने कहा कि अर्जी को उचित तरीके से दायर नहीं किया गया और एक उचित याचिका दायर करनी चाहिए।
महाजन याचिका में उस मांग पर आपत्ति जता रहे थे जिसमें 'अर्जी के दूसरे पैराग्राफ में उल्लेखित दस्तावेजों, रिकॉर्डों के साथ डीडीसीए से संबंधित अधिकारी को समन भेजने का आदेश देने' की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अगर गवाहों को समन किया जा रहा है तो पहले गवाहों की सूची देनी चाहिए। श्रीवास्तव ने यह स्वीकार किया कि अर्जी में कुछ खामी है क्योंकि यह डीडीसीए अधिकारी को समन भेजने की मांग करती दिख रही है जबकि मामला यह नहीं है। केजरीवाल के अलावा मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी के पांच अन्य आरोपी हैं- राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक बाजपेई। आप नेताओं ने भाजपा नेता पर डीडीसीए का अध्यक्ष रहते हुए भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था। जेटली वर्ष 2000 से 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष थे।

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