टैक्स चोरी पकडऩे को एनालिटिक्स कंपनी की मदद लेगी जीएसटीएन

  • Posted on: 10 May 2018
  • By: admin
नई दिल्ली। जीएसटी नेटवर्क कर चोरी रोकने के लिए करदाताओं की पूरी जानकारी जुटाने और जल्द से जल्द से गड़बड़ी पकडऩे की तैयारी कर रहा है। उसकी कोशिश जीएसटीएन को सिर्फ कर संग्रह पोर्टल के बजाय विस्तृत जानकारी और टूल्स से लेस पोर्टल बनाने की है। इस काम में मदद के लिए वह एनालिटिक्स कंपनी की मदद लेगी। जीएसटी पोर्टल संभालने वाली कंपनी जीएसटीएन ने एनालिटिक्स कंपनियों के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। उसने ऐसी कंपनियों से बोलियां आमंत्रित की हैं। चुनी गई कंपनी फ्रॉड एनालिटिक्स सिस्टम विकसित करेगी। हालांकि हितों का टकराव टालने के लिए जीएसटीएन ने इन्फोसिस को बोली लगाने से रोक दिया है। जीएसटी पोर्टल इसी कंपनी ने विकसित किया है।
जीएसटी चोरी रोकने के लिए सिस्टम एक साल में चालू हो जाएगा। जीएसटी रजिस्ट्रेशन, रिटर्न फाइलिंग और ई-वे बिल के डाटा के अलावा फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट (एफआइयू), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), बैंक और राज्यों के कर विभागों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर सिस्टम विश्लेषण करेगा।
जीएसटीएन के रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) के अनुसार बोली लगाने की इच्छुक कंपनी के पास एडवांस्ड एनालिटिक्स का अनुभव हो चाहिए और 300 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर के अलावा पिछले तीन साल से मुनाफे में होनी चाहिए। फ्रॉड एनालिटिक्स कंपनी जीएसटीएन और दूसरे स्त्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर करदाताओं पर नजर रखेगी। इसके बाद कर चोरी का जोखिम होने पर जीएसटीएन को सतर्क करेगी।
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