जिला उद्योग केन्द्र बनेंगे महत्वपूर्ण कड़ी:अग्रवाल

  • Posted on: 10 February 2019
  • By: admin
जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि राज्य में फरवरी और मार्च दो माह में जिला एवं पंचायत स्तर पर 98 औद्योगिक प्रोत्साहन शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि औद्योगिक प्रोत्साहन शिविरों के आयोजन का मुख्य  उद्देश्य ग्रासरुट स्तर तक राज्य सरकार की उद्योगों से जुड़ी, योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों को पहुंचाने के साथ ही इससे जुुड़े लक्षितों को लाभान्वित करना है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अग्रवाल उद्योग भवन में आयुक्त डॉ. कृृष्णाकांत पाठक के साथ विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला उद्योग केन्द्रों की राज्य सरकार और क्षेत्र के उद्योगों, स्थानीय निवेशकों और स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रुप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे जिला स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन व योजनाओं पर फीडबेक सिस्टम भी मजबूत हो सकेगा। डॉ. अग्रवाल ने कलस्टर विकास की मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत बनाते हुए राज्य स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित कर एक्सपोजर की आवश्यकता प्रतिपादित की। आयुक्त डॉ. कृृष्णाकांत पाठक ने बताया कि राज्य क्लस्टर विकास योजना में 10 कलस्टर संचालित किए जा रहे हैं वहीं केन्द्र सरकार के सहयोग से 4 कलस्टर है और 16 कलस्टर स्वीकृति प्रक्रिया में हैं। डॉ. पाठक ने बताया कि राज्य के एमएसएमई उद्योगों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए 44 मेला प्रदर्शनियों का आयोजन दो माह में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक 83 मेला प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा चुका है। बैठक में अतिरिक्त निदेशक पीके जैन ने बिन्दुबार जानकारी दी। सयुक्त निदेशक संजीव सक्सैना ने क्लस्टर विकास परियोजनाओं और एसएस शाह ने औद्योगिक शिविरों और मेला प्रदर्शनियों के कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में वित्तीय सलाहकार हरी सिंह मीणा और सहायक निदेशक रश्मिकांत नागर भी उपस्थित थे।
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