जानिए भाजपा के चाणक्य अमित शाह के बारे में कुछ बहुत खास बातें

  • Posted on: 10 August 2017
  • By: admin
बीजेपी के मुखिया अमित शाह का गुजरात से राज्यसभा में पहुंचना तय है। इसकी मात्र औपचारिक घोषणा होनी बाकी रह गई है। हाल ही में उन्होंने बतौर बीजेपी चीफ तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। केंद्र के अलावा अगर राज्यों में आज बीजेपी के हाथ में सत्ता है तो इसके पीछे अमित शाह को श्रेय दिया जाता है। आइए आपको बताते हैं कि अमित शाह का सियासी करियर कैसा रहा है, उन्होंने कैसे अपनी राजनीतिक पारी का आगाज किया।
जैन-गुजराती परिवार में जन्में अमित शाह- 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में जन्में अमित शाह जैन-गुजराती परिवार से हैं। उनके पिता अनिल चंद्र शाह मन्सा के बिजनेसमैन थे और उनका पीवीसी पाइप का बिजनेस था। अमिता शाह ने गुजरात के मेहसाणा से अपनी स्कूल पढ़ाई पूरी की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए अहमदाबाद आ गए। यहां पर उन्होंने सीयू शाह साइंस कॉलेज से बायो-केमेस्ट्री में बीएससी की डिग्री ली। इसके बाद वह अपने पिता के बिजनेस में हाथ बंटाने लगे। अमित शाह ने एक स्टॉक ब्रोकर के तौर पर भी काम किया और साथ ही अहमदाबाद के एक को-ऑपरेटिव बैंक में भी काम कर चुके हैं। 
कब हुई पीएम मोदी से पहली मुलाकात- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी पहली मुलाकात साल 1982 में अहमदाबाद में आरएसएस की वजह से हुई थी। मोदी उस समय आरएसएस के प्रचारक थे और शहर में आरएसएस की युवा गतिविधियों के कर्ता-धर्ता थे। वर्ष 1983 में अमित शाह एबीवीपी के स्टूडेंट विंग के लीडर बने। इसके बाद साल 1986 में वह बीजेपी का हिस्सा बने। इसके एक वर्ष बाद ही पीएम मोदी बीजेपी में शामिल हुए थे। साल 1987 में वह बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ता बने और उसके बाद उन्हें संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां दी गईं।
आडवाणी के लिए किया चुनाव प्रचार-साल 1991 में उन्होंने लोकसभा चुनावों के दौरान वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के लिए गांधी नगर में प्रचार किया। साल 1995 में गुजरात में पहली बार बीजेपी ने सरकार बनाई और केशुभाई पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया। उस समय कांग्रेस, बीजेपी की मुख्य प्रतिद्वंदी थी और काफी प्रभावी पार्टी थी। मोदी और शाह ने साथ में मिलकर काम किया और ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस की पकड़ को कमजोर बनाया। दोनों ने  मिलकर करीब 8,000 ऐसे प्रभावी नेताओं का एक नेटवर्क तैयार किया जो प्रधानी का चुनाव हार चुके थे। 
साल 2001 में राजनीतिक करियर ने ली करवट-अक्टूबर 2001 में बीजेपी ने केशुभाई पटेल को हटाकर नरेंद्र मोदी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद मोदी और शाह की जोड़ी और करीब हो गई और दोनों ने धीरे-धीरे अपने राजनीतिक प्रतिद्ंवदियों को किनारे कर दिया। साल 2002 में जब गुजरात में विधानसभा चुनाव हुए तो अमित शाह ने अहमदाबाद कर सरखेज सीट से चुनाव लड़ा और उन्हें इसमें विशाल जीत हासिल हुई। साल 2007 में फिर उन्होंने सरखेज से चुनाव लड़ा और फिर एक विशाल जीत हासिल हुई। 
2014 में बने बीजेपी के अध्यक्ष-  साल 2014 में अमित शाह को बीजेपी का मुखिया बनाया गया। जब से वह बीजेपी के अध्यक्ष बने हैं तब से ही वह करीब 560,000 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने 303 आउटस्टेशन दौरे किए। साथ ही वह 680 जिलों में से 315 जिलों का दौरा कर चुके हैं जिनमें 300 जिलों में वह रात में रुके हैं। साल 2015 में उनकी अगुवाई में बीजेपी ने 100 मिलियन सदस्यों का आंकड़ा छुआ था और पार्टी के लिए यह एक इतिहास था। इससे पहले बीजेपी के पास सिर्फ 35 मिलियन सदस्य ही थे लेकिन फिर भी पार्टी को 171.6 मिलियन वोट हासिल हुए थे। हाल ही में मोदी और शाह की अगुवाई में बीजेपी ने यूपी में 403 में से 312 सीटें जीतकर एक इतिहास बनाया। यूपी चुनावों में किसी भी पार्टी को मिली ये सबसे ज्यादा सीटें हैं। 
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