चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने 200 नियुक्ति-तबादले निपटाए

  • Posted on: 25 November 2018
  • By: admin
नई दिल्ली। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने अक्तूबर में जबसे मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला है, नियुक्ति और स्थानांतरण से संबंधित 200 से ज्यादा फाइलें निपटा दी हैं। कोलेजियम के इस तरह से काम करने के कारण केंद्र सरकार भी व्यस्त है। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने 3 अक्तूबर 2018 को मुख्य न्यायाधीश का पदभार ग्रहण किया था। तब से लेकर अब तक विभिन्न हाईकोर्टों में 85 से ज्यादा जजों की नियुक्ति हो चुकी है।
आठ उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हो चुके हैं और 18 अतिरिक्त जजों को स्थायी किया जा चुका है। इसी माह सुप्रीम कोर्ट में भी चार जजों की नियुक्ति हुई है। ताजा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट का है जहां पहली बार एक साथ 28 जजों की नियुक्ति हुई है। इन जजों ने गुरुवार को ही शपथ ली है।
भांग से बनी तीन दवाओं के मानवीय परीक्षण की तैयारी
सरकार के सूत्रों ने माना कि न्यायमूर्ति गोगोई के आने के बाद से नियुक्ति की गति बढ़ी है और सरकार कोलेजियम की सिफारिशों के अनुसार तेजी से काम कर रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या कोलेजियम की सिफारिश की फाइलों में कुछ नामों को रोकने और कुछ को क्लीयर करने के मामले में मुख्य न्यायाधीश ने आपत्ति जताई है? सरकारी सूत्र ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार में उच्च स्तर पर बात कर अपनी आपत्ति दर्ज की थी। इसके बाद सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के लिए अधिवक्ता मनोज ओहरी के नाम को क्लीयर कर दिया था। इससे पूर्व सरकार ने यह नाम रोक लिया था।
नए जज के खिलाफ आरोप 
इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को नियुक्त किए गए एक जज के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। यह मामला वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने मुख्य न्यायाधीश की बेंच के समक्ष गुरुवार को उल्लिखित किया था और कहा था कि जज के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं। मुख्य न्यायाधीश ने यह मामला दो नंबर बेंच में न्यायमूर्ति मदन लोकुर के पास भेज दिया, लेकिन न्यायमूर्ति लोकुर ने कहा कि वह इसे नहीं सुन सकते, क्योंकि वह कोलेजियम का हिस्सा रहे हैं। यह मामला अगले हफ्ते सुनवाई पर आएगा।
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