औद्योगिक घराने सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के समावेशी विकास में भागीदार बने:शेखावत

  • Posted on: 10 March 2017
  • By: admin
जयपुर। उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने प्रदेश के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से राज्य के समग्र सामाजिक-आर्थिक बदलाव में सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से भागीदार बनने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सोशल रेस्पांसिबिलिटी राजस्थान की ऐतिहासिक परंपरा रही है और भामाशाह एवं शेखावाटी के उद्योगपतियों का अपने क्षेत्र के विकास में सक्रिय व अनवरत योगदान ज्वलंत व जीवंत उदाहरण है। शेखावत रामबाग कन्वेंसन सेंटर में उद्योग व सीएसआर विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय सीएसआर समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किलों-महलों और रेगिस्तान के लिए पहचाने जाने वाले राजस्थान में आज विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक घरानों को कारपोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी के तहत समावेशी विकास के लिए फोकस एरिया तय कर आगे आना होगा और अभियान चलाकर सीएसआर गतिविधियां संचालित करनी होंगी। उद्योग मंत्री ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों से मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत जल सरंक्षण, जल संचयन, सामाजिक वानिकी आदि गतिविधियों से जुड़कर पानी की कमी से जूझ रहे प्रदेश में पानी की एक-एक बूंद सहेजने के काम में योगदान देने को कहा। उन्होंने कहा सीएसआर गतिविधियों में राजस्थान ने अच्छा काम कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। प्रदेश के दूर दराज और गांव-ढाणी में रहने वाले नागरिकों के समावेशी विकास के लिए सीएसआर गतिविधियों को विस्तारित कर फोकस आधारित क्रियान्वयन करना होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव एमएसएमई श्री राजीव स्वरुप ने कहा कि राज्य सरकार ने कारपोरेट सामाजिक दायित्व विभाग अलग से बनाकर सीएसआर गतिविधियों के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि उद्योग संस्थानों के सहयोग से सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक आर्थिक विकास के कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। राजीव स्वरुप ने कहा कि केपेसिटी बिल्डिंग में गैरसरकारी संगठनों और सीएसआर क्रियान्वयन एजेन्सियों को ठोस प्रयास करने होंगे। 
उद्योग आयुक्त व सीएसआर सचिव श्री अजिताभ शर्मा ने बताया कि राज्य में सीएसआर गतिविधियों को और अधिक विस्तारित करने, औद्योगिक घरानों की और अधिक भागीदारी तय करने और बेहतर क्रियान्वयन के लिए मंथन करने हेतु इस समिट का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में सीएसआर गतिविधियों के क्रियान्वयन में राजस्थान समूचे देश में पांचवे स्थान पर रहा है। 
शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने सीएसआर पोर्टल बनाकर औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए कॉमन प्लेटफार्म तैयार किया है। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास की योजनाओं व कार्यक्रमों और धरातलीय विकास के बीच के अंतराल को पाटने में सीएसआर गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गतवर्ष सीएसआर गतिविधियों में 342 करोड़ रुपये का योगदान रहा है।  
उद्योग आयुक्त ने बताया कि सीएसआर गतिविधियों में योगदान करने वाली संस्थाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन चाहे गए जिसमें उत्साहजनक तरीके से 107 प्रविष्टियां प्राप्त हुर्इं। उन्होंने बताया कि इनमें से 11 कैटेगरी में 17 संस्थाओं को सम्मान के लिए चुना गया।
 
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