ऑनलाइन गेम की गिरफ्त

  • Posted on: 10 April 2019
  • By: admin
हम लोगों को इस बात का एहसास नहीं है कि टेक्नोलॉजी युवा पीढ़ी को कितनी तेजी से अपनी गिरफ्त में लेती जा रही है. पिछले दिनों एक बेहद चिंताजनक खबर आयी कि हैदराबाद में एक 16 वर्षीय लड़के को ऑनलाइन गेम पबजी (प्लेयर अननोन्स बैटलग्राउंड्स) खेलने को लेकर मां ने डांटा, तो उसने आत्महत्या कर ली. मां-बाप ने पुलिस को दिये बयान में कहा है कि बच्चे का अगले दिन अंग्रेजी का इम्तिहान था और वह पबजी खेल रहा था.
इस पर मां ने उसे डांटा. इतनी-सी बात पर बच्चे ने पंखे से लट कर जान दे दी. अगर आप पबजी से नावाकिफ हों, तो बता दें कि यह ऑनलाइन गेम है. इसमें हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी को खुद को जीवित रखने और गेम जीतने के लिए दूसरों को मारना पड़ता है। ये गेम आपको एक ऐसी आभासी दुनिया में ले जाता है, जहां गोलियों की बौछारों के बीच आपको अपने खिलाड़ी को जिंदा रखना होता है. यह हिंसक खेल बच्चों और किशोरों को अपनी गिरफ्त में एक लत के रूप में लेता जा रहा है. इस गेम का दुष्परिणाम यह है कि इसके कारण बच्चा एक आभासी दुनिया में जीने लगता है। जब विभिन्न खबरों पर गौर किया, तो वे और चिंतित करने वाली हैं। पिछले दिनों खबर आयी कि महाराष्ट्र में रेल ट्रैक पर खड़े होकर फोन पर पबजी खेल रहे दो नवयुवकों की ट्रेन से कट कर मौत हो गयी थी. वे फोन पर गेम खेलने में इतने व्यस्त थे कि उन्हें ट्रेन की आवाज सुनायी नहीं दी और वे ट्रेन की चपेट में आ गये. जालंधर में इसके लिए एक किशोर ने अपने पिता के खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिये थे. मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक युवक पबजी खेलने में इतना व्यस्त था कि उसने पानी की जगह एसिड पी लिया था. गनीमत थी कि एसिड ज्यादा प्रभावी नहीं था.  दुनियाभर में 40 करोड़ बच्चे और युवा इस गेम को हर दिन खेल रहे हैं. अनुमान है कि भारत में भी इनकी संख्या करोड़ों में होगी. चीन ने 13 साल तक के बच्चों के लिए इसे खेलने पर पाबंदी लगा दी है. भारत में गुजरात एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने इस पर पाबंदी लगाई है. राजकोट और अहमदाबाद में पबजी गेम खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. अनेक शिक्षण संस्थानों ने भी पबजी गेम खेलने में प्रतिबंध लगा दिया है। ये घटनाएं हम सभी के लिए खतरे की घंटी है और इन पर तत्काल गौर करने की जरूरत है. दुनियाभर में पबजी पर प्रतिबंध की मांग उठ रही है. कोई गेम यदि बच्चों की जान के लिए खतरा बन जाए, तो उस पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करना ही होगा.
 
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