ऑटोमेशन और एआई का साया

  • Posted on: 10 June 2019
  • By: admin

ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तो अब एक सच है। इसका विरोध करना निरर्थक है। लेकिन इनकी वजह से पैदा होने वाली सामाजिक स्थितियों से कैसे निपटा जाए, यह सवाल जरूर अहम है। लेकिन इस सवाल पर अपने देश में कोई चर्चा नजर नहीं आती। फिलहाल, एक ताजा अध्ययन के मुताबिक़ भारत में बढ़ते मशीनीकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के चलते आने वाले दस वर्षों में महिलाएं बड़ी संख्या में अपनी नौकरियों से हाथ धो सकती हैं।
मैकिंसे ग्लोबल इंस्टिट्यूट के इस अध्ययन के अनुसार साल 2030 तक मशीनीकरण के कारण करीबन एक करोड़ 20 लाख महिलाएं अपनी नौकरियां गवां सकती हैं। अध्ययन में मशीनीकरण के महिला कामगारों की नौकरी पर पडऩे वाले प्रभावों का आकलन किया गया है। यह अध्ययन 10 देशों की महिलाओं पर किया गया। इसके मुताबिक कृषि, वानिकी, मत्सय, परिवहन और भंडारण क्षेत्रों में मशीनीकरण के बाद महिलाकर्मियों को सबसे ज्यादा नौकरियों गवानी पड़ेंगी। ऐसे में भविष्य में नौकरी करने वालों के लिए जरूरी होगा कि वो बेहतर कौशल और प्रशिक्षण के साथ नौकरी की तलाश करें। अध्ययन में बताया गया है कि मशीनीकरण का प्रभाव पुरुषों की नौकरियों पर भी होगा। 2030 तक करीबन चार करोड़ 40 लाख पुरुष कर्मी अपनी नौकरी से हाथ धो सकते है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2017-18 में देश में बेरोजगारी दर बढ़कर 6.1 प्रतिशत हो गई। भारत में महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी 27 फीसदी के निचले स्तर पर बनी हुई है। इस रिपोर्ट की खास बात यह है कि इसमें उन क्षेत्रों में नौकरी जाने की बात कही गई है, जो हाई टेक वाले नहीं हैं। यानी आम कामकाज में भी मशीनों का दखल बढ़ेगा। इससे वो लोग बेरोजगार होंगे, जिनके पास कोई विशिष्ट कौशल नहीं है। मैकिंसे ने यह रिसर्च छह विकसित अर्थव्यवस्ताओं- कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ चार विकासशील अर्थव्यवस्थाओं- भारत, चीन, मेक्सिको और साउथ अफ्रीका में किया। इन 10 देश में विश्व की 50 फीसदी जनसंख्या रहती है और वैश्विक जीडीपी का 60 फीसदी इन्हीं देशों से आता है। 2030 तक इन देशों में कार्यरत महिलाकर्मियों की लगभग 20 फीसदी आबादी अपनी नौकरी खो देगी। अध्ययन में कहा गया है कि मशीनीकरण के कारण लाखों महिलाओं की नौकरी चली जाएगी और जो काम में बने रहना चाहती है, उन्हें अपने कौशल में बड़े बदलाव करने की जरूरत होगी।

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