उम्र घटा रहा है प्रदूषण

  • Posted on: 25 November 2018
  • By: admin

चेतावनी दिल्ली के लिए है, लेकिन इसका संदर्भ राष्ट्रीय है। यानी इस समस्या से सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि सारा देश ग्रस्त है। ताजा खबर चिंता बढ़ाने वाली है। अगर आप दिल्ली एनसीआर में रहते हैं तो यहां अक्सर प्रदूषित होने वाली हवा को लेकर आप जरूर चिंतित होंगे। अब एक अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने दिल्ली की दूषित हुई हवा पर अपने रिसर्च का निष्कर्ष जारी किया है।
इसके मुताबिक दिल्ली के प्रदूषण के चलते यहां रहने वाले लोगों की उम्र औसतन 10 साल कम हो रही है। शिकागो (अमेरिका) की एक यूनिवर्सिटी 'मिल्टन फ्राइडमैन प्रोफेसर इन इकॉनमिक्स' से जुड़े मिशेल ग्रीनस्टोन और उनकी टीम ने एयर क्वॉलिटी लाइफ इंडेक्स (एक्यूएलआई) पर यह स्टडी की है। इसमें उनकी टीम ने दिल्ली एनसीआर में खराब हुई हवा का जीवन पर पडऩे वाले प्रभाव का अध्ययन किया है। इस स्टडी को एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट  के साथ मिलकर किया गया। एक्यूएलआई ऐसा इंडेक्स है, जिसमें वायु प्रदूषण का जीवन पर पडऩे वाले असर का आकलन किया गया है। दिल्ली में साल 2016 से वायु प्रदूषण ने विशेष रूप से अपनी ओर ध्यान खींचा, जब यहां औसतन 113 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर प्रदूषण  पाया गया। एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट इंडिया के कार्यकारी निदेशक केन ली ने बताया कि साफ हवा की जो गुणवत्ता के जो मानक वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने तय किए हैं। अगर दिल्ली को उस आधार पर हवा मिले, तो यहां रहने वाले लोग 10 ज्यादा जी सकेंगे। डब्लूएचओ के मुताबिक पीएम 2.5 की सुरक्षित सीमा 10 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर सालाना होनी चाहिए। भारतीय मानकों के आधार पर इस सीमा को 40 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक बढ़ाया गया है। इंडेक्स के आधार पर 1998 में दिल्ली समेत उत्तर भारतीय राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार पहले से ही हवा में घुले हुए इन छोटे-छोटे कणों से जूझ रहे थे। उस समय इन राज्यों में रहने वाले लोगों की आयु पर 2 से 5 साल का प्रभाव पड़ रहा था। अब दो दशक बाद प्रदूषण के ताजा हालात को देखें, तो यहां तब की अपेक्षा प्रदूशण में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश में हवा का स्तर खराब होने के चलते यहां रहने वाले लोगों की जिंदगी में 8.6 साल की कमी आ रही है।  1998 में वहां प्रदूषण के चलते नागरिकों की जिंदगी में 2.2 साल की कटौती हो रही थी। दो दशक बाद वह कटौती बढ़कर 4.3 साल हो गई है। 

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