ईडब्ल्यूएस फ्लैट की बढ़ी कीमत वसूलने पर रोक, हाईकोर्ट ने डीडीए को जारी किया नोटिस

  • Posted on: 25 August 2019
  • By: admin
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने डीडीए की आवासीय योजना में मकान पाने वाले कम आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आवंटियों को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने आवंटियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए डीडीए की ओर से कीमत बढ़ाने पर अगले आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। दरअसल, डीडीए ने आवासीय योजना के तहत वर्ष 2014 में कम आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों को कागजों पर मकान आवंटित कर दिए। चार साल के इंतजार के बाद दिसंबर, 2018 में माकन देने की बारी आई तो डीडीए ने कीमत करीब दो गुणा कर दी।
न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने डीडीए से जवाब मांगने के साथ ही अगले आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।न्यायालय ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 27 आवंटियों की ओर से दाखिल याचिका पर विचार करते हुए यह आदेश दिया है। न्यायालय ने डीडीए को 22 अक्तूबर तक हलफनामा दाखिल कर विस्तृत जवाब देने को कहा है। उसी दिन मामले की सुनवाई होगी। ईडब्ल्यूएस श्रेणी की आवंटी शकुंतला सहित 27 आवंटियों की ओर से अधिवक्ता मुकेश सचदेवा ने याचिका दाखिल की है।
याचिका में डीडीए पर यह आरोप लगाए गए
उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका के अनुसार डीडीए ने 25 से 40 वर्ग गज के फ्लैट की कीमत 6.90 लाख से 11 लाख रुपये तक निर्धारित की थी। लेकिन दिसंबर, 2018 में जब मकान बनकर तैयार हुआ तो डीडीए ने मनमाने तरीके से इसकी कीमत 16 लाख रुपये कर दी। याचिका में कहा गया है कि डीडीए ने जीएसटी सहित 59 हजार रुपये मेंटेनेंस शुल्क मांगा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जब योजना की घोषणा की गई थी तो निर्माण की लागत में ही 30 साल का रखरखाव का शुल्क शामिल था। 
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