आईसीआईसीआई को आखिरी तिमाही के दौरान मुनाफे में तगड़ा झटका

  • Posted on: 10 May 2018
  • By: admin
मुंबई। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े कर्जदाता आईसीआईसीआई बैंक के शुद्ध मुनाफे को पिछले वित्त वर्ष की चौथी और आखिरी तिमाही (जनवरी-मार्च, 2018) के दौरान तगड़ा झटका लगा है। सोमवार को बैंक द्वारा जारी नतीजों के मुताबिक समीक्षाधीन तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ 45 फीसद गिरकर 1,142 करोड़ रुपये रह गया। उससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में बैंक का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 2,083 करोड़ रुपये रहा था।
हालांकि बैंक के निदेशक बोर्ड ने दो रुपये मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर के लिए 1.50 रुपये लाभांश की अनुशंसा की है। इस अनुशंसा को मंजूरी की दरकार होगी। लाभांश वितरण की तिथि की घोषणा भी बाद में की जाएगी। समीक्षाधीन अवधि में बैंक का स्टैंड-अलोन शुद्ध मुनाफा 50 फीसद गिरकर 1,020 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2,025 करोड़ रुपये था। हालांकि समीक्षाधीन अवधि में बैंक की कंसोलिडेटेड शुद्ध आय बढ़कर 33,760 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 28,603 करोड़ रुपये थी।
वहीं, मार्च में खत्म तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय बढ़कर 6,022 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 5,962 करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष के लिए भी बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 31 फीसद गिरकर 6,777 करोड़ रुपये रह गया। वित्त वर्ष के दौरान बैंक की आय घटकर 72,386 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष में 73,661 करोड़ रुपये थी।
बैंक ने अपने बयान में कहा कि समीक्षाधीन वित्त वर्ष में बैंक के रिटेल फ्रैंचाइज ने सालाना आधार पर 21 फीसद विकास दर के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है।
एनपीए का बढ़ा दबाव पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का सकल फंसा कर्ज (ग्रॉस एनपीए) 8.84 फीसद पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 7.89 फीसद था। लेकिन नेट एनपीए 4.89 फीसद से मामूली घटकर 4.77 फीसद पर आया। इसी के चलते प्रावधानों और अन्य मदों पर खर्च बढ़कर 15,737 करोड़ रुपये पर जा पहुंचा। हालांकि बैंक के शेयरों पर उसके वित्तीय नतीजों का बुरा असर नहीं पड़ा। बीएसई में दिन के कारोबार में बैंक का शेयर भाव 2.30 फीसद मजबूत होकर 289.40 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
कोचर विवाद पर नहीं हुई चर्चा-
आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक बोर्ड ने सोमवार की बैठक में एमडी व सीईओ चंदा कोचर के इर्द-गिर्द पिछले दिनों हितों के टकराव पर कोई चर्चा नहीं की। बैंक के वित्तीय नतीजों की घोषणा के बाद कोचर ने कहा, बोर्ड ने इस मसले पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है। वीडियोकॉन ग्रुप के साथ उठे विवाद पर अब तक की चुप्पी पर कोचर ने कहा कि बैंक के बोर्ड ने इस वर्ष 28 मार्च के बयान में स्पष्ट कहा है कि वह कोचर के साथ खड़ा है।
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