असाध्य रोगों के इलाज के लिए कार्यशाला तथा शिविर का आयोजन

  • Posted on: 10 April 2019
  • By: admin
जयपुर। विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर बुधवार को होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग की ओर से स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर (सीफू) में डॉ. हैनीमैन की 264वीं जयन्ती मनाई गई। इस अवसर पर असाध्य रोगों के उपचार के लिए कार्यशाला तथा शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में सेरेब्रल पॉल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, मल्टीपल स्कलेरोसिस, डाउन सिंड्रोम जैसी असाध्य बीमारियों तथा जन्मजात विकृत रोगों से ग्रसित बच्चों के लिए चिकित्सा अधिकारियों की टीम द्वारा होम्योपैथिक चिकित्सा सुविधायें तथा परामर्श उपलब्ध करवाया गया। 
समारोह में चिकित्सा शिक्षा विभाग के श्री हेमन्त गेरा ने कहा कि होम्योपैथी ने वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के रूप में दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इस पद्दति के क्षेत्र को और विस्तृत किये जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा अनुसंधान की आवश्यकता है। उन्होंने होम्योपैथी के प्रचार प्रसार की आवश्यकता बताई और कहा कि इस पद्धति की विशेषताओं और असाध्य रोगों को ठीक करने में मिलने वाली सफलताओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को उसका फायदा मिले। 
गेरा ने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति बीमारी को समूल दूर करने में प्रभावी रहती है और इसमें ऐसे रोगों का इलाज भी संभव है, जिनका इलाज ऐलोपैथी पद्धती से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी की सेवाओं में विस्तार की असीम संभावनाएं विद्यमान है। 
इस अवसर पर असाध्य रोगों से ग्रसित ऐसे बच्चे जिनकी स्थिति में होम्योपैथी का इलाज लेने के बाद सुधार हुआ है, उनके माता-पिता ने भी अपने अनुभव साझा किये। समारोह में जयपुर जिले के होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी तथा निदेशालय होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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