अल्पकालिक फसल ऋण पर ब्याज सब्सिडी अब DBI के तहत:RBI

  • Posted on: 10 June 2018
  • By: admin

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि तीन लाख रुपये तक के अल्पकालिक फसल ऋण पर ब्याज सहायता (सब्सिडी) योजना को चालू वित्त वर्ष से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के जरिये लागू किया जायेगा। सरकार ने अल्पकालिक फसल ऋण पर दी जाने वाली ब्याज सहायता के लिए वर्ष 2018-19 में 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। एक अधिसूचना में, भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि ब्याज सहायता योजना (आईएसएस) 2018-19 को भी अन्य सहित योजनाबद्ध स्कीमों- अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर)-के अनुरूप ही निपटान किया जाना होगा।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने रिजर्व बैंक को सूचित किया है कि उसने आईएसएस 2018-19 की निरंतरता की प्रक्रिया शुरू की है। इसने कहा है कि अंतरिम उपाय के रूप में, 2017-18 में योजना के लिए अनुमोदित नियमों और शर्तों पर आगे निर्देश प्राप्त होने तक ब्याज सहायता योजना 2018-19 को लागू किया जाएगा। योजना के तहत किसाना तीन लाख रुपये तक का अल्पकालिक फसली ऋण सात प्रतिशत के रियायती ब्याज पर ले सकते हैं। यदि किसान कर्ज की अदायगी सही समय पर त्वरित रूप से करता है तो यह ब्याज दर चार प्रतिशत तक नीचे जा सकती है। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि जैसा कि भारत सरकार ने सलाह दी है कि 2018- 19 से ब्याज सहायता योजना को डीबीटी प्रणाली में रखा जायेगा। यह तरीका 'सविर्सिज-अथवा उसी रूप मेंÓ पर आधारित होगा न कि 'नकदी परÓ आधारित होगा। इस प्रकार 2018-19 मे जो भी ऋण प्रसंस्कृत होंगे पोर्टल शुरू होने पर उन्हें आईएसएस पोर्टल-डीबीटी प्लेटफार्म पर लाया जायेगा।

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