अगर करना है अरुण जेटली से मुलाकात तो पहनने होंगे अस्पतालों में उपयोग होने वाले जूते

  • Posted on: 25 August 2018
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नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का कार्यभार आज फिर संभाल लिया। गुर्दा प्रतिरोपण के लिए लगभग 100 दिनों तक कामकाज से दूर रहने के बाद उन्होंने वापस वित्त मंत्री का कार्यभार संभाला और अधिकारियों के साथ बैठक की। पैंसठ वर्षीय जेटली अप्रैल की शुरूआत से ही मंत्रालय नहीं आ रहे थे। 14 मई को उनके गुर्दे का प्रतिरोपण किया गया। इस दौरान वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार पीयूष गोयल को सौंपा गया था। जेटली आज सुबह 11 बजे अपनी सफेद टाटा सफारी से वित्त मंत्रालय के दफ्तर नॉर्थ ब्लॉक पहुंचे। उनके साथ उनके निजी कर्मचारी भी थे।
साधारण पैंट-शर्ट और नेहरू जैकेट पहने जेटली सीधे नॉर्थ ब्लॉक के प्रथम तल पर स्थित अपने कार्यालय में पहुंचे। उनके मौजूदा स्वास्थ्य को देखते हुए उनके कार्यालय का नवीनीकरण किया गया है। साथ ही स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा गया है।मंत्रालय के अधिकारियों और उनके उप मंत्रियों ने जेटली का स्वागत किया। सूत्रों ने बताया कि चिकित्सकों से अनुमति मिलने के बाद ही जेटली काम पर लौटे हैं। हालांकि उन्हें कम से कम लोगों से मिलने और सार्वजनिक तौर पर कम उपस्थित रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से सुरक्षा हो सके। जेटली ने अपने दोनों मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इनमें वित्त सचिव हसमुख अधिया के साथ केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के चेयरमैन शामिल रहे।घंटेभर चली इस बैठक में व्यय सचिव ए. एन. झा, वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार और कारपोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव इंजेति श्रीनिवास भी शामिल हुए। बाद में जेटली ने ट्वीट किया, ''नॉर्थ ब्लॉक में 23 अगस्त, 2018 को सचिवों के साथ बैठक की।" 
साथ में उन्होंने तीन तस्वीरें भी साझा की हैं। घर रवाना होने से पहले जेटली ने लगभग ढाई घंटा दफ्तर में बिताया। उनके बेटे रोहन जेटली को भी नॉर्थ ब्लॉक के आसपास देखा गया।जेटली के कमरे में सीमित लोगों को ही आने-जाने की अनुमति होगी। अभी आगंतुकों को अस्पतालों में उपयोग होने वाले नीले रंग के प्लास्टिक के जूते के कवर पहनने होंगे। इससे पहले आज एक अधिसूचना में कहा गया, '' भारत के राष्ट्रपति ने, प्रधानमंत्री की सलाह पर, वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का कार्यभार फिर से अरुण जेटली को सौंपने का निर्देश दिया है।" जेटली के वित्त मंत्रालय लौटने का कई नेताओं ने स्वागत किया और ट्विटर पर उन्हें बधाई दी।सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्द्धन राठौड़ ने लिखा, ''जैसा कि अरुण जेटली जी ने वित्त मंत्रालय और कारपोरेट मामलों के मंत्रालय का प्रभार फिर संभाल लिया है, उनका स्वागत है। सर्जरी के बाद उनकी सेहत में सुधार से प्रसन्न हूँ। आने वाले भविष्य में देश की सेवा के लिए उनके स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं।"
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ट्वीट कर जेटली को बधाई दी। उन्होंने लिखा, ''यह खबर पढ़कर खुशी हुई कि सर्जरी के बाद अरुण जेटली जी का स्वास्थ्य सुधरा है और आज से वह वापस अपनी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। स्वागत और बधाई।" पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उनके मंत्रालय में उप मंत्री पोन राधाकृष्णन ने भी ट्वीट कर जेटली को बधाई दी है।गत 14 मई को उनका किडनी प्रतिरोपण हुआ था और उसी दिन उनके मंत्रालयों का प्रभार अंतरिम तौर पर गोयल को सौंपा गया था। गोयल के पास रेल मंत्रालय और कोयला मंत्रालय भी है। सर्जरी के बाद से, चिकित्सकों की सलाह पर वह कामकाज से दूर थे। हालांकि इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में बिना विभाग के मंत्री थे। इस अवधि में वह बीच-बीच में सोशल मीडिया पर नजर आए थे। 
इनमें असम में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, आपातकाल के चार दशक, संसद में अविश्वास प्रस्ताव, राफेल जेट विमान सौदा, माल एवं सेवाकर और जीडीपी के आंकड़ों की पिछली कडिय़ों जैसे मुद्दों पर सोशल मीडिया पर ब्लॉग लिखकर लोगों से रूबरू हुए और सरकार का पक्ष रखा। वहीं जीएसटी की पहली वर्षगांठ और बैंकिंग सम्मेलन के दौरान वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से संबोधन भी दिया। हालांकि उन्होंने नौ अगस्त को राज्यसभा में उपसभापति पद के लिए हुए चुनाव में हिस्सा लिया था। तब वह 14 मई के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए थे।इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद आयोजित प्रार्थना सभा में भी उन्होंने हिस्सा लिया था।
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