बीमारियों से निपटिए, वेब डॉक्टर है ना

  • Posted on: 2 May 2012
  • By: poonam

इंटरनेट ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर चिंतित लोगों के लिए जानकारी का खज़ाना खोल दिया है। ऐसी कई वेबसाइटें मौजूद हैं जो आपको अपने लक्षणों के आधार पर बीमारियों के बारे में जानने की सुविधा देती हैं और उनके इलाज की प्रक्रिया को समझने की भी। वे आपको संभावित जटिलताओं से आगाह करती हैं और मेडिकल लाइन में होने वाली नई खोजों के बारे में खबर देती रहती हैं। इन्हीं की बदौलत आज का नागरिक स्वास्थ्य के मामले में कुछ साल पहले की तुलना में ज्यादा सतर्क और जागरूक है।
वेबएमडी (webmd.com)

गूगल चश्मे से बदल जाएगी इंटरनेट की दुनिया

  • Posted on: 2 May 2012
  • By: poonam

आपके पीछे कौन है यह जानने के लिए अब आपको गर्दन घुमाने की जरूरत नहीं। आप जहां खड़े हैं वह स्थान कौन-सा है और उसके आस-पास कौन से भवन तथा इलाके हैं, यह भी किसी से पूछने की जरूरत नहीं क्योंकि गूगल का चश्मा बताएगा सब कुछ। ईमेल, मैसेज और अन्य इंटरनेट संबंधी फीचर्स का हल भी इसी चश्मे में रहेगा।
गूगल प्लस पर कंपनी की ओर से भेजे मैसेज के मुताबिक, चश्मा बनाने वाली कंपनी टाइटन ऐसा चश्मा बनाने पर काम कर रही है। इस चश्मे की मदद से ऑनलाइन वर्ल्ड को वास्तविक दुनिया में मर्ज किया जा सकेगा।

माइक्रोमैक्स लाया भारत का सबसे पतला टैब फनबुक

  • Posted on: 2 May 2012
  • By: poonam

मेड इन इंडिया टैबलेट देगा एप्पल के न्यू आईपैड को सीधी टक्कर, क्योंकि अब माइक्रोमैक्स लेकर आया है भारत का सबसे पतला और हल्का टैबलेट माइक्रोमैक्स फनबुक।
एंड्रॉयड के 4.0 आइसक्रीम सेंडविच ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाला ये टैब भारत में मौजूदा टैब से वजन में कहीं ज्यादा हल्का और पतला है और सबसे बडी बात है कि ये हिंदी भाषा को भी सपोर्ट करेगा। विशेषरूप से शिक्षा के क्षेत्र के लिए उतारे गए इस टैब की कीमत 6,499 रूपए है।

जोलो एक्स 900 : इंटेल चिपसेट पर वर्क करने वाला फोन

  • Posted on: 2 May 2012
  • By: poonam

मोबाइल फोन की कंपनी लावा का नया स्मार्टफोन जोलो एक्स 900 जिसे कंपनी ने मार्च 2012 को पेश किया था।
घोषणा के बाद से ही यूजर्स इसके जारी होने का इंतजार कर रहे थे। उनका यह इंतजार गुरूवार को खत्म होने जा रहा है।
कंपनी इस फोन को 19 अप्रैल को भारतीय बाजार में जारी किया है।

अच्छे ब्लॉग बनाने के पाँच ठिकाने

  • Posted on: 2 May 2012
  • By: poonam

अगर आप अपने विचारों, रचनाओं या प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए ब्लॉगिंग के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो महज दस मिनट के भीतर अपना ब्लॉग बना सकते हैं। ऐसे ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म्स की कमी नहीं है जो सामान्य यूजऱ को बहुत आसानी से नया ब्लॉग बनाने और उसे मेन्टेन करने की सुविधा देते हैं। ब्लॉग के लिए न डोमेन नेम दर्ज कराने की जरूरत है और न ही इंटरनेट पर वेब होस्टिंग स्पेस लेने की।

गूगल का ये कारनामा दंग कर देगा आपको

  • Posted on: 2 May 2012
  • By: poonam

अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास स्थान व्हाइट हाउस के सार्वजनिक कमरों को आम लोग अपने कम्प्यूटर पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए बस अब एक क्लिक के साथ देख सकेंगे।
बहुउपयोगी इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी गूगल व्हाइट हाउस की वर्चुअल इमेज नेट पर जारी करने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ओबामा ने कहा कि गूगल के आर्ट प्रोजेक्ट के जरिए 1600 पेन्सिलवेनिया एवेन्यू स्थित व्हाइट हाउस के सार्वजनिक कमरों की वर्चुअल इमेज इंटरनेट पर जारी की जायेगी।

अब रसोई गैस मोबाइल से कॉल या मैसेज कर बुक करें

  • Posted on: 2 May 2012
  • By: poonam

रसोई गैस सिलेंडर के खाली होने पर उपभोक्ताओं को महीने भर तक इंतजार नहीं करना होगा। ऑटो बुकिंग सिस्टम से हो रही उपभोक्ताओं की परेशानी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए ऑयल कम्पनियों ने आईवीआरएस (इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पॉन्सि सिस्टम) लागू किया है। नए सिस्टम के जरिए उपभोक्ता मोबाइल पर मैसेज और कॉल करके गैस सिलेंडर की बुकिंग करा सकते हैं। आईवीआरएस से बुकिंग होने पर उपभोक्ताओं को बुकिंग कराने गैस एजेंसी पर कैश मेमो बनने से लेकर डिलीवरी तक का अलर्ट एसएमएस मिलेगा।
ऑटो बुकिंग सिस्टम से नुकसान

क्या है एक्टिव फंड मैनेजमेंट

  • Posted on: 2 May 2012
  • By: poonam

किसी भी फंड के लिए निवेश का फैसला फंड मैनेजर करता है। किसी कंपनी, किस वित्तीय इंस्ट्रूमेंट या किस श्रेणी की वित्तीय परिसंपत्ति में वह फंड का निवेश करेगा, यह उसके निर्णय पर होता है। इनमें निवेश के लिए वह मार्केट रिसर्च, विश्लेषण और बाजार की खबरों को आधार बनता है। इन आधारों पर किए गए निवेश की प्रक्रिया एक्टिव फंड मैनेजमेंट कहलाती है। दरअसल फंड मैनेजर बाजार में पल-पल बदलती परिस्थितियों पर निवेश का फैसला करता है ताकि निवेशकों को ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिल सके। ऐसे निर्णय एक्टिव फंड मैनेजमेंट के तहत ही लिये जाते हैं। इस मैनेजमेंट के जरिये समय-समय पर अपने फंड के पोर्

क्रेडिट कार्ड : असावधानी से बन सकता है दुश्मन

  • Posted on: 2 May 2012
  • By: poonam

क्रेडिट कार्ड न केवल कैश साथ ले जाने के जोखिम से बचाता है बल्कि इसके जरिये की जाने वाली खरीदारी के भुगतान के लिए 30 से 50 दिनों का वक्त भी मिलता है। लेकिन, लापरवाही से खर्च करने पर यह कर्ज के दलदल में फंसा सकता है।
क्रेडिट कार्ड आपका दोस्त तब तक बना रहेगा जब तक आप नियत तिथि के भीतर पूरा उधार चुका दें। अगर आप ऐसा करते हैं तो कोई ब्याज भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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